लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज मेरठ में चिकित्सकों की लापरवाही से एमबीबीएस छात्र संजीत की मौत से लोगों में गम और गुस्सा है। छात्र का शव शनिवार को गांव मंधोर में पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया।
सभी लोगों ने अश्रुपूरित नेत्रों ने उसे अंतिम विदाई दी। गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के परिवार के सदस्यों ने कहा कि जब घर का चिराग ही बुझ गया तो मुआवजा किसके खातिर लिया जाए।
क्षेत्र के ग्राम मंधोर निवासी संजीत कुमार मेरठ मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के बाद उसी कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहा था। कई दिनों से बुखार से पीड़ित डॉ. संजीत को शुक्रवार को हालत बिगड़ने के बाद मेरठ में चिकित्सकों को दिखाने के प्रयास किए गए।
हालांकि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण संजीत ने दम तोड़ दिया। मृतक के भाई डॉक्टर विकास ने बताया कि संजीत का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए उन्होंने डॉक्टरों को इमरजेंसी फीस तक दी। आरोप है कि इसके बावजूद चिकित्सकों ने समय पर इलाज नहीं किया।
चिकित्सकों की लापरवाही से परिवार के सदस्यों को गहरा धक्का लगा है। हालांकि मृतक के पिता मदन सिंह तथा बड़े भाई डॉ. विकास ने किसी भी तरह की कार्रवाई करने अथवा मुआवजा स्वीकार करने की बात से साफ इंकार कर दिया। सभी ने कहा कि यदि संजीत को समय पर इलाज मिल जाता तो संभवत: उसकी जान बच सकती थी।
परिजनों ने कहा कि उनके घर का चिराग चला गया है, तो किसकी खातिर मुआवजा ले। उधर, शनिवार सुबह करीब 12 बजे डॉ. विकास जैसे ही संजीत का शव लेकर गांव में पहुंचे, पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य फफक फपक कर रो पड़े।संजीत को अंतिम विदाई देने के लिए घर पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक की माँ संतोष तथा बहन पूजा बेसुध हो गई। गांव में ही गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लापरवाह डॉक्टरों को सजा मिले
ग्राम प्रधान अजय सिंह ने कहा कि संजीत के इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों का सजा अवश्य मिलनी चाहिए, जिनकी लापरवाही के कारण एक होनहार दुनिया से विदा हो गया।