सहारनपुर। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहे देश के शीर्ष पहलवानों के साथ जो भी हो रहा है। खेल संघ पदाधिकारी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी उसे अच्छा नहीं मान रहे हैं। अमर उजाला ने जनपद के ऐसे ही पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों से बात कर उनकी राय जानने का प्रयास किया। सभी ने धरने पर बैठे पहलवानों को देश का गौरव बताया है। साथ ही उनके द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी सरकार से की है, जिससे आरोपों की हकीकत देश के सामने आ सके।
हमारी हमदर्दी खिलाड़ियों के साथ
जिला जूडो संघ के संस्थापक सचिव एवं जूडो के अंतरराष्ट्रीय रेफरी दीपक गुप्ता का कहना है कि यदि किसी पर भी कोई आरोप लगता है तो पहला काम आरोपों की जांच होता है। जो खिलाड़ी आरोप लगा रहे हैं, वह आम लोग नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं, जिनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार को चाहिए कि वह आरोपों की जांच कराए। यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी हमदर्दी खिलाड़ियों के साथ है।
कहीं ना कहीं दोषी को बचाने का प्रयास
जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी चौधरी नीरपाल सिंह का कहना है कि जिन खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया आज उनके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब यही खिलाड़ी पदक जीतकर लौटे थे तो प्रधानमंत्री ने उनके साथ फोटो खिंचवाए थे और सम्मानित किया था। लेकिन आज उन्हीं खिलाड़ियों की सुनवाई नहीं हो रही है। बल्कि उल्टा उनके टेंट उखाड़कर उनके साथ बदसलूकी हो रही है। कहीं ना कहीं दोषी को बचाने का प्रयास हो रहा है।
आरोपों की निष्पक्ष जांच हो
अंतरराष्ट्रीय धावक रामशरण का कहना है कि उनके साथ ही पूरा देश सच जानना चाहता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, जिन्होंने देश का मान बढ़ाया है। इनमें देश की बेटियां भी शामिल हैं, जो अपनी इज्जत दांव पर लगाकर गंभीर आरोप लगा रही हैं। सरकार को चाहिए कि वह निष्पक्ष जांच कराकर हकीकत को देश के सामने लाए। अन्यथा पूरे आंदोलन में खिलाड़ियों का पलडा भारी हो रहा है।
चौधरी नीरपाल
चौधरी नीरपाल