लखनौती के यमुना नदी के पास फसल पर ट्रैक्टर चला कर सीमांकन करती टीम। संवाद
- फोटो : संवाद
लखनौती। दीक्षित अवार्ड के अंतर्गत सन 1986 में हरियाणा से यूपी को हस्तांतरित तीन गांवों की करीब 1076 बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराकर प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। बाद में रिकार्ड के आधार पर इन जमीनों को उसके वास्तविक मालिकों को सौंपा जाएगा।
नायब तहसीलदार महेंद्र सक्सेना और राजस्व निरीक्षक संजय सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने अलग-अलग खसरा नबंरों की गांव नबीपुर, खड़कपुर और मोहम्मदपुर की जमीन को कब्जा मुक्त कराया। प्रशासन की टीम ने पुलिस और पीएसी बल की मौजूदगी में जमीन को चिन्हित किया। इसके बाद ट्रैक्टरों से जुताई कर जमीन को खाली कराते हुए प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान कब्जाधारक किसानों ने प्रशासन का विरोध भी किया, लेकिन पुलिस बल के सामने उनकी एक नहीं चली।
हरियाणा के कुंजपुरा गांव निवासी रामकला, सरकड के सुक्कड चौकीदार, कुंडा खुर्द के रियांशु आदि किसानों का कहना है कि बाप-दादा के समय से वह इस जमीन पर खेती-बाड़ी करते आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए ही उनके खेतों की जुताई करा दी, जिसकी शिकायत वह उच्च अधिकारियों से करेंगे। उधर, इस बारे में नायब तहसीलदार महेंद्र सक्सेना का कहना है कि सीमांकन करके खाली हुई जमीन पर उन किसानों को कब्जा दिलाया जाएगा, जिनके नाम सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन दर्ज है।