देवबंद। दो भाइयों की मौत के बाद भी प्रशासन नहीं चेता। हादसे के दूसरे दिन निर्माणाधीन बेसमेंट को प्रशासन ने सीज नहीं किया, न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया। जिसके चलते यहां से गुजरने वाले महिला, पुरुष और बच्चे लोहे के सरियों को पकड़कर इसमें झांकते दिखाई दिए। पुलिस ने सख्ती करते हुए केवल यहां खड़ी कारों को हटवाया है।
बुधवार को मोहल्ला बड़जियाउलहक निवासी नौशाद कुरैशी के दो बेटे उजैफा और सुफियान की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई थी। दोनों भाई बेसमेंट में कबूतर पकड़ने के लिए उतरे थे। लोगों का कहना है कि यहां अधिक कारें खड़ी होने से बच्चों के गिरने का पता नहीं चला। नहीं तो समय रहते उन्हें बचा लिया जाता। इस मामले में अमर उजाला ने कारें खड़ी होने से बच्चों के गिरने का नहीं चला पता शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। बृहस्पतिवार को हरकत में आए पुलिस अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए वहां खड़ी कारों को हटवा दिया। कई कारों के चालान भी किए गए, लेकिन प्रशासन ने घटना का कारण बने बेसमेंट को सीज नहीं किया। इसमें अभी भी वो रास्ता खुला हुआ है, जहां से बच्चे गिरे थे। पानी भी ज्यों का त्यों भरा हुआ है। जिसके चलते दिनभर यहां से गुजरने वाले लोग लोहे के सरियों को पकड़कर इसमें झांक कर देखते रहे। प्रशासन ने यहां ने तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया और न ही लोगों को दूर रखने के लिए कोई और व्यवस्था की।
भूमि बैंक की बंधक, पहले से लगी हैं कटीली तार
लोन अदायगी न होने के कारण उक्त भूमि को बैंक ने बंधक बनाया हुआ है। वहां पहले से चार फुट की दीवार है और चारों तरफ कटीली तार भी लगाई गई हैं। वहां खड़ी कारों को हटवाने के लिए पुलिस को आदेश दिए गए हैं। - अंकुर वर्मा, एसडीएम, देवबंद