देवबंद विधान सभा सीट के लिए हुए उप चुनाव में शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से मतदान करा लिया गया। मतदान 52 फीसदी हुआ। मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रशासनिक अमला दिनभर दौड़ता रहा। मतदान के बाद सभी ईवीएम जेवी जैन कॉलेज के स्ट्रांग रूम में पहुंचने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद देवबंद विधान सभा सीट खाली हुई थी। इसी वजह से यहां उप चुनाव कराया गया। राजेंद्र राणा की पत्नी मीना सिंह, भाजपा के रामपाल सिंह पुंडीर और कांग्रेस के माविया अली समेत कुल 12 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे।
बसपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था, ऐसे में सभी प्रत्याशियों की नजर बसपा के वोट बैंक यानी दलितों पर थी। शनिवार को मतदान निर्धारित समय सुबह आठ बजे से शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चला। मतदान के नौ घंटों में एक भी समय मतदाताओं में उत्साह देखने को नहीं मिला।
यही वजह रही कि मतदान केवल 52 फीसदी रहा। मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए दो जोनल और 25 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। कुल 176 मतदान केंद्रों पर 309 बूथ बनाए गए थे।
इनमें 59 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र रहे, जिनकी वीडियोग्राफी कराई गई। सुबह छह बजे से ही प्रशासनिक अमला मतदान को सफलतापूर्वक कराने में जुट गया था।
लखनऊ से आए ऑब्जर्वर के साथ ही डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी पवन कुमार, एसएसपी आरपीएस यादव, सीडीओ मोनिका रानी, एडीएम (वित्त) सैयद निजामुद्दीन, एसडीएम देवबंद समेत अनेक अधिकारी और पुलिस अधिकारी मतदान केंद्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेते रहे। शाम पांच बजे मतदान समाप्ति के बाद ईवीएम को सील कर सुरक्षित तरीके से जेवी जैन कॉलेज के स्ट्रांग रूम में रखवाया गया।
मंगलवार को होगी मतगणना
उप चुनाव के कार्यक्रम के तहत मतगणना 16 फरवरी दिन मंगलवार को होगी। प्रशासन ने मतगणना के लिए जेवी जैन डिग्री कॉलेज का चयन किया है। चुनाव के लिए सभी पोलिंग पार्टियों को जैन कॉलेज से ही रवाना किया गया था। मतदान के बाद सभीी ईवीएम यहीं पर स्ट्रांग रूम में सुरक्षित तरीके से रखी गई हैं। 16 फरवरी की सुबह आठ बजे से मतगणना होगी। उसके बाद विजेता के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।