सहारनपुर। आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर पर हुए हमले के मामले में अदालत में गवाही नहीं हो पाई है। दो अधिवक्ताओं के निधन पर वकील न्यायिक कार्यों से विरत रहे। मामले में 7 जून अगली तारीख लगी है।
मामला अपर सत्र न्यायाधीश एससीएसटी कक्ष संख्या दो की अदालत में विचाराधीन है। पिछले वर्ष 29 जून को भीम आर्मी प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर दिल्ली से लौट रहे थे। देवबंद में वह कुछ देर के लिए रुके थे। इसके बाद वह जब सहारनपुर के लिए कार से चले तो फ्लाईओवर के नीचे यूनियन तिराहे के पास कार में आए हमलावरों ने उन पर चार राउंड फायरिंग की थी, जिसमें एक गोली उनके दाएं की तरफ पेट को छूकर निकल थी।
पुलिस ने आरोपी विकास उर्फ विक्की पुत्र प्रीतम, प्रशांत पुत्र विक्रम कुमार, लविश पुत्र विरेंद्र सिंह निवासी गांव रणखंडी कोतवाली देवबंद और विकास उर्फ विक्की पुत्र शिव कुमार निवासी गौंदर थाना निसिंग जिला करनाल हरियाणा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 300 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। मंगलवार को अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने थे। पूर्व में तीन गवाहों की गवाही हो चुकी है।