सहारनपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में केवल विद्यार्थियों के ही लिए नई तकनीक और नई शिक्षा पद्घति नहीं होगी, बल्कि उच्च शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक भी इसमें पढ़ाने की नई तकनीक सीखेंगे। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षकों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जाने हैं, जिससे कि वह उसको कक्षाओं में अमल में लाकर विद्यार्थियों को लाभान्वित कर सकें। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय ने इस संबंध में सभी महाविद्यालयों और निजी संस्थानों को निर्देशित किया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा। उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षकों के प्रशिक्षण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षकों को विभिन्न प्रकार के क्षेत्रीय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में प्रयोग होने वाली शिक्षण की नई और आधुनिक तकनीकों से शिक्षकों को अवगत कराया जाएगा, जिससे कि शिक्षक प्रशिक्षण में सीखी गई नई तकनीकों को कक्षाओं में लागू कर सकें। कुलसचिव का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव और सुधार लाने वाली है। इससे एक ओर जहां परंपरागत शिक्षा पद्घति बनी रहेगी, वहीं उसमें नई पद्घति जुड़कर शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर प्रत्येक महाविद्यालय और निजी संस्थान में प्रकोष्ठ का भी गठन किया जाना है, जिसके लिए निर्देशित किया गया है।