बेहट। शिवालिक वन प्रभाग में हुए खैर तस्करी और सांभर के शिकार के मामले में आरोपियों से 8.25 लाख रुपये का जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई है। जनपद में वन विभाग द्वारा वसूली गई यह अब तक की सबसे बड़ी जुर्माना राशि है।
मुख्य वन संरक्षक रमेश पांडेय ने बताया कि 17 फरवरी की रात शिवालिक वन प्रभाग की बादशाहीबाग वन रेंज की चपड़ी खोल में बोलेरो सवार पांच शिकारियों ने दुर्लभ प्रजाति के सांभर का शिकार कर लिया था। वनकर्मियों की टीम को देखकर शिकारी अपनी बुलेरो और मृत सांभर को छोड़कर फरार हो गए थे। इस मामले में नामजद किए गए सुहेल खान, वसीम खान व नदीम खान निवासी गांव संसारपुर समेत पांचों आरोपियों से 3.25 लाख रुपये का जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई है। इसके बाद 22 फरवरी को शाकंभरी देवी वन रेंज की कोठड़ी बीट से खैर का अवैध कटान किए जाने का मामला हुआ था। काटी गई खैर की लकड़ी सहारनपुर के गीतांजलि विहार निवासी अभिषेक उर्फ राजू बंसल पुत्र उमेश के ट्रक पंजीकरण संख्या-यूपी 11 टी/9543 में लादकर ले जाते हुए एसडीओ सामाजिक वानिकी अखिलेश मिश्रा की टीम ने सहारनपुर के तकिया के पास पकड़ ली थी।
ट्रक को लकड़ी समेत कब्जे में लेकर खैर तस्करी के आरोपी आरिफ पुत्र ताहिर, अनीस व इमरान निवासी गांव कोठड़ी, आरिफ पुत्र जाहिद निवासी नूरबस्ती व नसीम निवासी देहरादून चौक सहारनपुर के खिलाफ विभागीय मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में नामजद सभी आरोपियों से पांच लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा इस साल जनवरी से अब तक खैर तस्करी एवं शिकार के मामलों में जब्त किए गए 43 वाहनों के अधिग्रहण किए जाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
चौकीदार निलंबित
बेहट। डीएफओ विजय सिंह ने बेहट सामाजिक वानिकी रेंज में डाकिया/चौकीदार के पद पर तैनात अकबरपुर गांव निवासी रामस्वरूप को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि रामस्वरूप का लड़का खैर तस्करी के मामले में संलिप्त पाया गया है, इसलिए उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।