सहारनपुर। चैत्र नवरात्र चल रहे और रमजान माह भी शुरू हो गया है। ऐसे में बदलते मौसम के बीच व्रत और रोजा रखने वालों को खानपान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। क्योंकि, जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकती है।
महानगर के वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. संजीव मिगलानी ने व्रत और रोजे रखने वाले लोगों को खानपान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज और दिल के मरीजों को विशेेष सावधानी बरतने की जरूरत है, जिन रोजेदारों की डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और दिल संबंधित रोग की दवाएं चल रहीं हैं तो वे सुबह शाम पूरी गोली न लें। आधी गोली सहरी और आधी गोली इफ्तार के समय खाएं। इसके साथ ही इफ्तारी के समय पहले तीन से चार गिलास पानी, खजूर, केला, अंगूर व फलों का इस्तेमाल करें। सहरी के समय सामान्य खाद्य पदार्थों का सेवन कर नियमित दवा जरूर लें।
वहीं, जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. अनिल वोहरा और वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डाॅ. पीडी गर्ग का कहना है कि उपवास और रोजा रखने के साथ ही सावधानी जरूर बरतें। इसमें किसी तरह की लापरवाही न करें।
उपवास रखन वाले क्या खाएं और क्या न खाएं डाॅ. मिगलानी का कहना है कि नवरात्र के व्रत के रखने वाले लोग दिन में दो से तीन लीटर पानी, नींबू पानी, नारियल पानी का सेवन करें। तीन से चार बार हाई कैलोरी वाले फल जैसे खजूर, चीकू अवश्य खाएं। मीडियम कैलोरी वाले फल पपीता, सेब, संतरा, अनार और अनानास का प्रयोग भी करें। शाम के समय गाजर का हलवा खा सकते हैं। कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी तीन-चार पूड़ी का सेवन करेंगे। ज्यादा पूड़ी खाने से बदहजमी, सिर में दर्द हो सकता है। रेहड़ियों पर बिकने वाले कटे फलों का प्रयोग न करें। इससे डायरिया और टाइफाइड होने का खतरा बढ़ जाता है। बाहर की दही, आलू की चाट, खुले में बिकने वाले जूस का सेवन न करें।
डायबिटीज, बीपी और दिल के मरीज यह खाएं
डायबिटीज, हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीज लौकी का हलवा, सांवा चावल, दही, खीरा, टमाटर, गाजर, करेला, कद्दू, सेब, संतरा, पपीता, मौसमी का सेवन करें। दो से ज्यादा सिंघाड़े के आटे की पूड़ी न खाएं। फ्राई आलू चिप्स, खजूर, चीकू, केला, फ्राई ड्राई फ्रूट का सेवन न करें।
डाक्टर संजीव मिगलानी
डाक्टर संजीव मिगलानी