सहारनपुर। स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की लैब में जांच के दौरान दो महिला समेत पांच संदिग्ध मरीजों में स्वाइन पुष्टि हुई है। सभी मरीज हरियाणा में अंबाला और देहरादून के रहने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित जिले में मरीजों के नाम सहित पत्र लिख दिया है। वहीं, बारिश थमते ही जिले में डेंगू का लार्वा भी मिलने लगा है।
मौसम में बदलाव के चलते बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में फिजिशियन की ओपीडी फुल चल रही है। कई जिलों में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार मिल रहे हैं। इसी बीच जिले में भी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। कुछ दिन पहले एसबीडी जिला अस्पताल से तीन और राजकीय मेडिकल कॉलेज से दो बुखार के मरीजों का सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज की ही लैब में भेजा गया था।
इनकी जांच की गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई यानी उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इनमें दो महिला और तीन पुरुष शामिल हैं, जो हरियाणा में अंबाला और देहरादून के रहने वाले हैं। इन मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी। इसके साथ ही संबंधित जिले में भी मरीजों के बारे में अवगत कराते हुए पत्र लिखा गया। उधर, महानगर के मानकमऊ, कमेला और सरसावा क्षेत्र के गांव पिलखनी में डेंगू का लार्वा मिला है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नष्ट कराते हुए एंटी लार्वा का छिड़काव कराया।
देहरादून, यमुनानगर और अंबाला जाते हैं काफी लोग
जिले से देहरादून, यमुनानगर और अंबाला काफी लोग काम के सिलसिले में जाते रहते हैं। सरसावा से यमुनानगर में लोग मजदूरी करने जाते हैं। इनके अलावा छुटमलपुर, बिहारीगढ़ से लोग देहरादून काम करने के लिए जाते हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए वार्ड आरक्षित
स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में वार्ड आरक्षित किए गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 12 और एसबीडी जिला अस्पताल में सात बेड का वार्ड बनाया गया है। इनके अलावा सीएचसी पर दो-दो बेड का वार्ड आरक्षित है। हालांकि, अभी तक इन वार्डों में स्वाइन फ्लू के मरीज भर्ती नहीं किए गए हैं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
- तेज बुखार और ठंड लगना
- खांसी और गले में खराश
- बुखार के साथ आंखें लाल होना
- मांसपेशियों व सिर में दर्द
- अत्यधिक थकान व कमजोरी
- बच्चों में पेट से जुड़ीं समस्याएं, उल्टी या दस्त
- लक्षण गंभीर होने पर सांस का फूलना
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ऐसे फैलता है संक्रमण
- संक्रमण सतह जैसे हैंडल या मोबाइल फोन को छूने से
- संक्रमित के चेहरे, आंख या नाक को छूने से
ऐसे करें बचाव
- भीड़भाड़ में जाने से बचें
- संक्रमित से दूरी बनाएं
- खांसी-छींकने पर रुमाल लगाएं।
- हाथ मिलाने से परहेज करें।
- बार-बार हाथ धोते रहें।
- भीड़भाड़ की जगहों पर मास्क लगाएं।
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स्वाइन फ्लू के पांच मरीज मिले हैं, जिनकी मेडिकल कॉलेज से आई रिपोर्ट में पुष्टि हुई है। यह सभी मरीज अंबाला और देहरादून के रहने वाले हैं। इन जिलों के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख दिया गया है।
शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी