- पुलिस ने शक के आधार पर छह कर्मचारियों समेत अन्य से हुई पूछताछ, मृतक के परिवार वालों की गाड़ियों की तलाशी हुई
फोटो एक की सीरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। उद्यमी की हत्या का शक करीबियों पर जताया जा रहा है। पुलिस ने फैक्ट्री में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी और छह अन्य कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और घटनास्थल पर पहुंचे मृतक के करीबियों की गाड़ियों की तलाशी भी ली गई। इस तरह अभी तक 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है।
कस्बे के मोहल्ला अहिरान के रहने वाले उद्यमी रमेश वर्मा की हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने जांच पड़ताल शुरू की तो मृतक के परिवार वाले और कई अन्य करीबी भी वहां पहुंच गये। हत्या के बाद उद्यमी के बेटे ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। जिसके बाद पुलिस ने सभी बिंदुओं पर पड़ताल शुरू कर दी और संदेह के घेरे में आए लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। शुरुआती जांच में मृतक के करीबियों पर ही पुलिस का शक गहराया हुआ है। हालांकि पुलिस अभी संपत्ति विवाद या पुरानी रंजिश के बिंदु पर भी नजर घूमा रही है। इनके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि चोरी करने घुसने पर उद्यमी के जागने पर तो उनकी हत्या नहीं की गई है।
दो साल पहले हुई थी उद्यमी के बेटे की हत्या
उद्यमी रमेश वर्मा के बेटे विजय वर्मा की दो साल दूसरी फैक्ट्री में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय वर्मा की हत्या में उसके बड़े भाई संजीव वर्मा का नाम प्रकाश में आया था। विजय की हत्या के मामले में संजीव वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जो काफी दिनों से जमानत पर है।
फैक्ट्री में नहीं मिला सीसीटीवी कैमरा
उद्यमी रमेश वर्मा की हत्या जांच करने पहुंची पुलिस टीम ने फैक्ट्री में सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों की तलाश शुरू की, लेकिन सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा मिला। जिसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का प्रयास किया।
मोबाइल की कॉल रिकार्ड से खुल सकता है राज
पुलिस का मानना है कि मोबाइल की कॉल रिकार्ड से भी हत्या का राज खुल सकता है। क्योंकि फैक्ट्री में ऊपर बने जिस कमरे में उद्यमी रहते थे, वहां से नीचे वह कैसे आए। ऐसा हो सकता है कि उनको फोन करके किसी ने बुलाया हो और उसके बाद हत्या की गई हो। एसपी के अनुसार कॉल रिकार्ड मंगवाया गया है और उसके मिलने पर भी अहम जानकारी मिल सकती है।
घटना स्थल पर गमजदा बैठी मृतक रमेश वर्मा की पत्नी जयमाला वर्मा