- पूर्वांचल के कई जिलों में पकड़ा गया हैं पेंशन फर्जीवाड़ा
- सहारनपुर कोषागार से प्रदेश सरकार से रिटायर 16500 कर्मी लेते हैं पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। पूर्वांचल के कई जिलों में पेंशन फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अब सहारनपुर में भी पेंशनधारकों को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। कोषागार की तरफ से करीब 16500 पेंशनधारकों को पेंशन जारी की जाती है। जिसमें सभी प्रदेश सरकार के रिटायर अधिकारी और रिटायर कर्मचारी शामिल है।
दरअसल, कुछ समय पहले कई जिलों में पेंशन फर्जीवाड़ा सामने आया था। जिसके बाद मुख्यालय की तरफ से सभी जिलों के मुख्य कोषाधिकारी को पत्र जारी कर पेंशनधारकों की जांच के आदेश दिए गए। इन आदेशों के बाद सभी पेंशनधारकों की जांच शुरू कर दी गई। अभी तक करीब दो हजार पेंशनधारकों के दस्तावेजों की जांच हो चुकी है, जिसमें कोई खामी नहीं पाई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि यहां पर भी फर्जीवाड़ा मिल सकता है। जांच में यह पता किया जा रहा है कि कोई फर्जीवाड़ा कर गलत खाते में तो पेंशन की राशि नहीं डाल रहा या किसी व्यक्ति की मौत के बाद भी उसके परिजन आदि पेंशन की राशि तो नहीं ले रहे। जिस पेंशनधारक पर कोई संदेह है तो उसे कार्यालय में बुलाकर भी छानबीन की जा रही है।
स्टांप की भी चल रही जांच
पेंशनधारकों की जांच के साथ-साथ कोषागार में रखे पांच हजार या उससे अधिक के स्टांप को भी पिछले माह जांच शुरू कर दी गई थी। सहारनपुर कोषागार में करीब 30 करोड़ रुपये के स्टांप रखे हैं। सभी स्टांप के क्रमांक की सूची रजिस्ट्री कार्यालय में भेजकर इनका सत्यापन कराया जाएगा। जिसके बाद यह पता चलेगा कि स्टांप में तो फर्जीवाड़ा नहीं हुआ। बता दें, कि मेरठ में स्टांप फर्जीवाड़ा आने के बाद अन्य जिलों में यह जांच चल रही है।
वर्जन
यहां पर करीब 16500 पेंशनधारक है। मुख्यालय की तरफ से आदेश मिलने के बाद इनकी जांच शुरू कर दी गई है। यदि कोई फर्जीवाड़ा मिलता है तो कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
- सूरज कुमार, मुख्य कोषाधिकारी