देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर संतोष जताया, साथ ही उन्होंने कोर्ट द्वारा राज्य में बस्तियों को उजाड़ने को लेकर असम सरकार को नोटिस भेजे जाने पर कहा कि आशा है कि जल्द ही गरीब पीडितों को इंसाफ मिलेगा।
बुधवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने जो कुछ कहा, वही बात जमीयत शुरू से कहती रही है कि धर्म के आधार पर किसी के भी साथ दुर्व्यवहार अत्याचार नहीं होना चाहिए। क्योंकि कानून की नजर में सभी बराबर हैं।
उन्होंने कहा कि जब दुखद तथ्य सामने आने लगे की पक्षपात के आधार पर बुलडोजर चलाया जा रहा है और कानून की आड़ में एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। जब जमीयत को न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा की सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य में बस्तियों को उजाड़ने पर असम सरकार को नोटिस भेजा है। इससे यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही अदालत का कोई ऐसा फैसला आएगा जो गरीब पीड़ितों के हक में होगा।