सरसावा। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में आयोजित किसान सहकारी चीनी मिल सरसावा की सामान्य निकाय की वार्षिक बैठक में बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी चीनी मिल की आदर्श उपविधियों को लागू करने के लिए किसानों की शंकाओं का समाधान करते हुए सुझाव मांगे गए।
चीनी मिल कॉलोनी में स्थित किसान सहकारी हाईस्कूल के प्रांगण में हुई बैठक में सहकारिता विभाग के नए मॉडल बायलॉज को लागू करने के लिए चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक दीप्ति देव यादव ने मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की। प्रधान प्रबंधक ने बताया कि अब तक चीनी मिल गन्ना पेराई कर सिर्फ चीनी का उत्पादन करती थी परंतु अब चीनी रिफाइनरी आसवानी कोजनरेशन संयंत्र, बायो एथेनॉल तथा प्रेस मड, बेगास और अन्य सह उत्पादों के रूप में प्रयोग करने वाले संयंत्रों की स्थापना करेगी। प्रत्येक साधारण सदस्य को कम से कम दो अंश (प्रति अंश 250 रुपये) गन्ना समिति में जमा करना होगा। सदस्यता के लिए आवेदन की तिथि से विगत 3 वर्षों तक समिति को गन्ना आपूर्तिकर्ता होना चाहिए। यदि कोई सदस्य विगत पांच वर्षों में समिति को गन्ना को आपूर्ति नहीं करता है तो उस सदस्य को मतदान का अधिकार नहीं होगा। वो सदस्य मात्र नाम सदस्य होगा। यदि वो पुनः गन्ना आपूर्ति करता है तो उसकी पुनः सदस्यता हेतु विचार किया जाएगा।
पूर्व संचालक अनूप सिंह ने कहा कि चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति के लिए गन्ना वजन निर्धारित न किया जाए। किसान वाहन से जितना भी गन्ना लाता है उसे किसान एवं मिल हित में स्वीकार किया जाना चाहिए। पदम सिंह ढायकी, मोहकम सिंह ने कहा की शेयर होल्डर चुनाव से वंचित न रखा जाए। गन्ना समिति के पूर्व अध्यक्ष राकेश चौधरी, मास्टर जनार्दन सिंह, ओंकार सिंह ने भी विचार रखें। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि इन बिंदुओं के लागू होने से किसान गन्ना संबंधित समस्या समाप्त होंगी और वे लाभान्वित होंगे। इस मौके पर सीए सौरभ बंसल, सीसीओ राजेश कुमार, सीडीआई अहसान अहमद, कर्ण सिंह आदि रहे।