पेराई सत्र के समाप्त होने के करीब तीन महीने बाद भी सहारनपुर जनपद के किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। जनपद की पांच चीनी मिलों पर करीब 348 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। वहीं मिलों पर गन्ना समितियों के भी लगभग 13.58 करोड़ रुपये बकाया हैं। जिले में सिर्फ देवबंद चीनी मिल ने ही गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान किया है। भुगतान में सबसे पीछे गांगनौली चीनी मिल है।
शासन प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। गांगनौली ने 46.22 प्रतिशत, शेरमऊ ने 98.81 प्रतिशत, गागलहेड़ी चीनी मिल ने अब तक 55.61 प्रतिशत बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया है। सहकारी क्षेत्र की नानौता चीनी मिल ने 80.01 प्रतिशत और सरसावा चीनी मिल ने 84.59 प्रतिशत बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान चौधरी अशोक कुमार, मेवाराम, आरिफ प्रधान, अतुल फंदपुरी आदि का कहना है कि बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। उन्हें रोजमर्रा के खर्च को पूरा करने में भी उधार का सहारा लेना पड़ रहा है।
बकाएदार मिलों पर होगी सख्ती
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों को नोटिस भेजे जाएंगे। मिलों को भुगतान का शैडयूल जारी करना होगा। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। - डॉक्टर आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी
जनपद में बकाया गन्ना मूल्य
मिल बकाया
गांगनौली 193 करोड़ रुपये
शेरमऊ 3.61 करोड़ रुपये
गागलहेडी 70.75 करोड़ रुपये
नानौता 53.88 करोड़ रुपये
सरसावा 26.43 करोड़ रुपये
गन्ना विभाग के 18 अगस्त के आंकडों के अनुसार