31 अक्तूबर से चलनी शुरू होंगी जिले की चीनी मिलें
सहारनपुर। जनपद की चीनी मिलें 31 अक्तूबर से आठ नवंबर तक पेराई शुरू कर देंगी। गन्ना विभाग और चीनी मिलों के प्रबंधकों ने इसके लिए तैयारी कर ली है। जिले में इस बार 1.7 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने का रकबा है। मिलों को होने वाले गन्ना आवंटन के 25 अक्तूबर तक फाइनल होने की संभावना है।
गन्ना विभाग ने चीनी मिलों को समय पर चलवाने और घटतौली रोकने के लिए रणनीति तैयार की है। इस बार तौल लिपिकों के हर 15 दिनों में होने वाले स्थानांतरण को पारदर्शी बनाया जा रहा है। घटतौली के लिए सॉफ्टवेयर प्रदाता कंपनी को भी दोषी माना जाएगा। जनपद में करीब 1.46 लाख गन्ना किसानों के पास 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती है, जो जनपद की छह चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले की सभी मिलों में मरम्मत कार्य अंतिम चरण में हैं। चीनी मिलों ने 31 अक्तूबर से आठ नवंबर तक पेराई सत्र शुरू करने का समय दिया है। अभी लखनऊ में गन्ना सुरक्षण की बैठक चल रही है। वहां चीनी मिलों को मिलने वाले गन्ने का निर्णय होगा।
382 करोड़ है गन्ने का बकाया मूल्य भुगतान
नया पेराई सत्र शुरू होने में करीब 10 शेष है। इसके बावजूद जिले की छहों चीनी मिलों पर किसानों का करीब 382 करोड़ रुपया बकाया है। इसको लेकर किसानों में रोष है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर किसान संगठनों से लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने ज्ञापन से लेकर धरने आदि भी दिए। इसके बाद भी भुगतान नहीं हो पाया है। जिला गन्ना अधिकारी का कहना है कि शुगर मिलों पर लगातार दबाव बनाया हुआ है। पूरा प्रयास है कि मिलों का पेराई सत्र शुरू होने से पहले बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करा दिया जाए।