सहारनपुर। शुगर मिलों के पूरी क्षमता से पेराई नहीं होने के चलते जनपद में गेहूं बुआई प्रभावित हो रही है। जिले की छहों चीनी मिलों की पेराई क्षमता जहां 42750 टन प्रतिदिन की है, वहीं बृहस्पतिवार को मिलों ने पेराई क्षमता का मात्र 64.33 प्रतिशत ही खरीद की गई है। इसके चलते किसानों को पर्चियां कम मिल रही हैैं और खेत खाली होने में देरी हो रही है।
पूरी क्षमता से गन्ना पेराई नहीं करने के चलते गेहूं की बुआई पिछड़ रही है। जनपद की शुगर मिलें अपनी क्षमता के अनुसार पेराई नहीं कर रही हैं। 12 दिसंबर के आंकड़े के अनुसार मिलें अपनी क्षमता का मात्र 64.33 प्रतिशत का ही उपयोग कर रही हैं। जिले में अधिकांश किसान गन्ना काटकर गेहूं की बुआई करते हैं। पर्चियां कम आने से गन्ने के खेत खाली नहीं हो रहे हैं जिससे गेहूं की बुआई पिछड़ती जा रही है। भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह, फंदपुरी के अतुल फंदपुरी आदि किसानों का कहना है कि पर्चियां कम आने से बड़े रकबे गन्ने का मुंढा अभी भी खेत में खड़ी है। पर्चियां आए तो मिल में गन्ना सप्लाई करके खेत खाली हो जाएगा। जिससे गेहूं की बुआई हो सकेगी। उन्होंने मिलों को पूरी क्षमता से चलवाने की मांग की। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले की सभी शुगर मिलों को पूरी क्षमता के अनुसार पेराई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे गन्ने के खेत खाली हो जाए और गेहूं की बुआई जल्द हो सके।