देवबंद (सहारनपुर)। पिछले कुछ दिनों से कहीं रोटी तो कहीं जूस में थूकने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें मुस्लिम आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। जमीयत उलमा-ए-हिंद की ओर से इस मामले में जांच करा रहे हाफिज नवाब अली का कहना है कि इस्लाम में इस तरह की हरकत बिल्कुल भी जायज नहीं है। ये कोई साजिश है।
गाजियाबाद के लोनी में जमीयत उलमा ए हिंद के महासिचव हाफिज नवाब अली का कहना है कि जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के निर्देश पर इन मामलों की जांच कराई जा रही है। अभी तक सामने आया है कि यह कोई साजिश का हिस्सा है। अब तक आए मामलों से संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। कोई भी इंसान इस तरह की घटिया हरकत नहीं कर सकता।
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-ऐसा करने वालों के प्रतिष्ठान हों बंद
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि ऐसी हरकतें जायज नहीं हैं। जो लोग खाने पीने की चीजों में मिलावट करते हैं, उनमें थूकते हैं और पेशाब मिलाते हैं तो उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस्लाम ऐसी हरकतों की इजाजत नहीं देता। यदि ऐसा करने वाले पर आरोप सिद्ध होते हैं तो प्रतिष्ठान को हमेशा के लिए बंद करा देना चाहिए।
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-इस तरह मामले आ चुके सामने
छुटमलपुर में एक किशोर होटल पर रोटी बनाते समय उस पर थूक रहा था।
गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के एक स्कूल में भी ऐसी ही घटना हुई थी।
गाजियाबाद में ही जूस में पेशाब मिलाकर पिलाने की घटना हुई थी।
गाजियाबाद के ही लोनी क्षेत्र में थूक लगाकर नान बनाने की घटना थी।
मेरठ में शादी समारोह में भी थूक लगाकर नान बनाने की घटना सामने आई थी।