सहारनपुर। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी पाठ्यक्रम के साथ ही स्वच्छता का भी पाठ पढ़ेंगे। विद्यालय खुलते हैं तो स्वच्छता को लेकर 15 से 20 मिनट की कक्षा भी चलेगी। कोरोना काल में छात्र और छात्राओं में स्वच्छता की अलख जगाना अच्छा कदम हो सकता है। फिलहाल ऑनलाइन और मोहल्ला क्लास में भी छात्र और छात्राओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा गया है।
नई शिक्षा नीति में छात्र और छात्राओं को पाठ्यक्रम के साथ ही स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा गया है। स्वच्छता को लेकर अलग से पीरियड रखने को कहा गया है, जो 15 से 20 मिनट का हो। इसमें छात्र और छात्राओं को अपने शरीर जैसे भोजन करने से पहले तथा शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धुलने, प्रतिदिन स्नान करने, नाखूनों को काटकर रखने। साफ और ताजा भोजन करने, साफ कपड़े पहनने के साथ ही अपने क्लास रूम, अपने घर और आस पड़ोस को साफ रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा। चूंकि कोरोना के चलते अभी बच्चों के विद्यालय जाने पर रोक है। ऐसे में इस तरह की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद ने ऑनलाइन और मोहल्ला क्लास चलाने की अनुमति दी है। ऐसे में शिक्षकों से कहा गया है कि वह बच्चों को पाठ्यक्रम के साथ स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। परिषद का मानना है कि बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर उन्हें गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से बचाया जा सकता है। चूंकि बीते डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण है। ऐसे में स्वच्छता के प्रति जागरूकता अच्छा कदम हो सकता है।
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स्वच्छता मनुष्य के साथ ही प्रकृति के लिए भी बेहद जरूरी है। नई शिक्षा नीति में स्वच्छता को भी शामिल किया, जो अच्छा कदम है। शिक्षकों को चाहिए कि वह ऑनलाइन या मोहल्ला क्लास में बच्चों को स्वच्छता के प्रति भी जागरूक करें, जिससे कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाया जा सके। -
योगराज सिंह, एडी बेसिक, सहारनपुर।