हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित छात्र रोहित वेमुला के खुदकुशी करने के मामले से दलित छात्रों और संगठनों में उबाल है। यहां संविधान बचाओ समिति के बैनरतले छात्रों ने घटना के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध स्वरूप जुलूस निकाला, जिसके बाद घंटाघर चौक पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका।
घटना के विरोध में बुधवार को अनेक दलित सरकारी कर्मचारी और छात्र संत रविदास छात्रावास पर इकट्ठा हुए थे। यहां बैठक करने के बाद वह जुलूस के रूप में केंद्र सरकार खासकर नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घंटाघर पहुंचे।
घंटाघर पहुंचकर उन्होंने स्मृति ईरानी के पुतले को आग के हवाले कर दिया। संगठन के संरक्षक मंडल सदस्य राजकुमार ने आरोप लगाया कि छात्र के खुदकुशी करने के लिए यूनिवर्सिटी की लापरवाही और केंद्र सरकार जिम्मेदार है।
अजय कुमार ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार मंत्री को क्लीनचिट देकर भाजपा सरकार ने अपने दलित विरोधी होने का सुबूत दिया है। उन्होंने छात्र के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग भी की।