अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने सीबीएसई स्कूलों और निजी उच्च शिक्षण संस्थाओं के संचालकों पर अभिभावकों के मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
जिला संयोजक अमरदीप कोरी ने बताया कि जनपद में ज्यादातर सीबीएसई स्कूल संचालकों की मनमानी की वजह से अभिभावक परेशान हैं। स्कूल अपनी मर्जी का सिलेबस लगा रहे हैं। हर साल फीस में वृद्धि कर देते हैं।
बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक चाहकर भी स्कूलों की मनमानी का विरोध नहीं कर पाते हैं। उन्होंने सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लगाने की मांग की, जिससे अभिभावकों पर प्रत्येक वर्ष पड़ने वाला किताबों का पांच से आठ हजार रुपये का बोझ कम हो सके।
इसके अलावा उन्होंने निजी उच्च शिक्षण संस्थाओं में भी छात्रों के उत्पीड़न की बात कही। आरोप लगाया कि कॉलेज दाखिले से लेकर मार्कशीट हाथ में देने तक का पैसा छात्रों से वसूलते हैं। कॉलेज छात्रों से भी फीस पूरी ले रहे है और बाद में शासन से आए शुल्क प्रतिपूर्ति के पैसे को भी हजम कर गए हैं। ऐसे में गरीब छात्र कॉलेजों और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
कोरी ने स्कूल और कॉलेजों की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग अधिकारी से की। इससे पहले उन्होंने कॉलेज संचालकों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान आदित्य धारिया, प्रशांत गुप्ता, मोहित पंवार, राजू, सनी दीक्षित, शुभम सैनी, नितिन सैनी, संदीप, अरविंद कुमार, नवीन धीमान, सौरभ आदि रहे।