सहारनपुर। आबकारी आयुक्त एवं जनपद के नोडल अधिकारी डॉक्टर सेंथिल पांडियन सी ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन, विकास कार्यों, बड़ी निर्माण परियोजनाओं एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारी ने सिटी बस संचालन को लेकर प्रमुख सचिव से फोन पर वार्ता कर नगरायुक्त को आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन विश्वविद्यालय में विद्युत आपूर्ति को लेकर आ रही वित्तीय समस्या का तत्काल निस्तारण किया जाए। उन्होंने सहारनपुर बाईपास से यमुनानगर जाने वाले नेशनल हाईवे में पाई गई कमियों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिलाधिकारी को बड़ी परियोजनाओं की निगरानी के लिए तीन अधिकारियों की एक टीम गठित करने के निर्देश दिए। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाई जाए। उन्होंने राजकीय निर्माण निगम की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। नानौता में खाद्य एवं औषधि प्रशासन प्रयोगशाला के निर्माण में बीच में आ रही विद्युत लाइन को 25 सितंबर तक शिफ्ट किया जाए। राजकीय आईटीआई गंगोह के निर्माण तेजी लाई जाए। नगर निगम सीमा में शामिल हुए 32 गांवों में नगरीय सुविधा उपलब्ध कराए जाएं।
उद्योग उपायुक्त को जनपद में औद्योगिक इकाइयों को लेकर पांच वर्षों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोविड से पूर्व और पश्चात ओपीडी की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की जाए। गोआश्रय स्थलों में पानी, चारा, प्रकाश एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक कचरा हिंडन नदी में नहीं जाना चाहिए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकरों को पंचायतों को दे दिया जाए। पंचायत भवनों में सीसीटीवी की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी एवं खनन माफिया पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा, मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष आशीष कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।