सहारनपुर। सहकारी गन्ना विकास समितियों के चुनाव का कार्यक्रम जारी हो गया है। हालांकि चुनाव अप्रैल और मई माह में होना है, लेकिन दावेदार सक्रिय हो गए हैं। इस दौरान दावेदार अपने समर्थकों से इस पर मंथन करते नजर आए। राजनीतिक क्षत्रपों ने भी मंथन शुरू कर दिया है।
जिले में चार गन्ना सहारनपुर, सरसावा, देवबंद और बेहट, दो सहकारी मिल समितियों सरसावा और नानौता के चुनाव होने हैं। करीब दो लाख किसान गन्ना समितियों के सदस्य हैं। अभी गन्ना समितियों का चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया है। पिछला चुनाव अप्रैल 2015 में हुआ था, पांच साल पूरे होने के बाद से बोर्ड भंग चल रहा है। प्रक्रिया 14 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। गन्ना समितियों के प्रतिनिधियों (डेलीगेट) का चुनाव 21 अप्रैल और प्रबंध समितियों के निदेशकों का चुनाव 11 मई और सभापति व उपसभापति का चुनाव 12 मई को होगा। इसी दिन अन्य संस्थाओं और सहकारी चीनी समितियों के प्रतिनिधियों का चुनाव भी होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति गन्ना और गन्ना उत्पादक किसानों के इर्द गिर्द ही घूमती है। गन्ना राजनीति से जुड़े धुरंधरों ने अपने समीकरणों का आकलन करना शुरू कर दिया है।
सहकारी गन्ना विकास समितियों के चुनाव की घोषणा हो चुकी है। चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।-डॉक्टर आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।
समितियां - 06
समितियों के सदस्य - 204479
प्रतिनिधि (डेलीगेट)- 1887
संचालक 72