कभी सुहाग की प्रतीक चूड़ियों के निर्माण के लिए दूर-दूर तक प्रख्यात रहे रामपुर मनिहारान से मनिहारों के परिवार तो फिरोजाबाद पलायन कर गए, लेकिन कसबे की पहचान आज भी रामपुर के साथ लगे मनिहारान से कायम है। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखने के बावजूद रामपुर क्षेत्र विकास को तरस रहा है। तहसील का दर्जा तो इसे मिला लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव आज भी है। फोरलेन का प्रस्ताव भी पास हुआ, लेकिन निर्माण कार्य एक अरसे से अधर में लटका है।
इस सुरक्षित सीट पर पिछले ढाई दशक से बसपा का ही एकछत्र राज चला आ रहा है। किसी दूसरे दल की यहां दाल नहीं गल सकी है। वर्तमान में यहां के रविंद्र मोल्हू लगातार दूसरी बार विधायक हैं। इस बार भी बसपा ने उन्हीं पर दांव लगाया है। बसपा का गढ़ होने के कारण रामपुर मनिहारान को तहसील का दर्जा भी बसपा सरकार ने ही दिया।
हालांकि तहसील के भवन और अन्य सुविधाओं को अभी भी रामपुर वासी तरस रहे हैं। तहसील कार्यालय अस्थाई बिल्डिंग में चल रहे हैं। भवन निर्माण के लिए प्रशासन ने अभी तक कोई प्रयास नहीं किया है। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे को भी पूर्व की बसपा सरकार के वक्त में फोरलेन बनाने का प्रस्ताव पास किया गया था।
इस मार्ग पर कार्य भी शुरू हो गया था, लेकिन पिछले काफी समय से यह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बसपा सरकार में ही कस्बे को 132 केवी विद्युत घर की सौगात मिली थी, जिसे इसी वर्ष जून माह में चालू किया गया है। नगर में अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा के अधीन कई शिक्षण संस्थान चलाए जा रहे हैं, जिनमें कई राज्यों के छात्र शिक्षा ग्रहण करने यहां आते हैं। अप्रवासी भारतीय विनोद गुप्ता ने भी रामरति एजुकेशन कांपलेक्स के अधीन विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थाएं स्थापित की है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन तक यहां आ चुके हैं। नगर में एतिहासिक महत्व की कई धार्मिक धरोहर मौजूद हैं। इनमें पश्चिम उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक ऊंचा जैन मंदिर, प्राचीन सिद्ध पीठ श्री ठाकुर द्वारा मंदिर के अलावा जामा मस्जिद नगर की शान है।
नगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन यह केवल रेफरल यूनिट ही बना है। मामूली चोटिल को सहारनपुर भेज दिया जाता है। पिछले साल रामपुर मनिहारान थाने का सर्किल सहारनपुर के सदर से हटा कर नकुड़ कर दिया गया था, जिससे लोगों को काफी दिक्कत आ रही है। तहसील होने के बावजूद यहां कोषागार नहीं है। यहां के सीओ भी नकुड़ में बैठते हैं।
इस तरफ नहीं हुए प्रयास, यहां विकास की दरकार
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे को फोरलेन बनाने का कार्य अधर में लटका है। रामपुर मनिहारान-इस्लामगनर मार्ग एक दशक से खस्ता हाल है। रामपुर से बड़गांव मार्ग की कोई सुध लेने वाला नहीं है। मुख्य समस्या रामपुर मनिहारान कस्बे के रकबे में विद्युत घर, मंडी समिति, तहसील, रेलवे स्टेशन, डाकघर नहीं आते हैं, यह सभी ग्राम सभा तेलूपुरा में आते हैं।
अभी हाल में नगर पंचायत का विस्तार करने के प्रस्ताव का प्रशासन ने हरी झंडी दी है, जिसमें शिवपुरी, पीरबनी व ब्लाक कॉलोनी के अलावा कई गांवों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव प्रशासन ने स्वीकृत तो कर लिया है अब देखना यह है कि इसे लागू करके कब पंचायत का विस्तार किया जाएगा।
एक नजर में रामपुर मनिहारान विधानसभा
कुल मतदाता : दो लाख 96 हजार 988
पुरूष मतदाता : एक लाख 60 हजार 933
महिला मतदाता : एक लाख 36 हजार 552
मतदान केंद्र : 175
मतदेय स्थल : 295
बसपा विधायक रविंद्र कुमार मोल्हू के अनुसार उन्होंने बसपा शासनकाल में रामपुर मनिहारान को तहसील, 132 केवी के विद्युत घर, रामपुर नगर में 50 करोड़ व विधान सभा क्षेत्र में 500 करोड़ के विकास कार्य कराए हैं। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे को फोरलेन व सहारनुपर में कांशीराम मेडिकल कालेज, स्पोर्ट्स कॉलेज का प्रस्ताव भी उनके द्वारा ही भेजा गया था। नागल के गांव जौला डिंडोली में कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक बेसहारा बच्चों के लिए कॉलेज की स्थापना कराई गई।