सहारनपुर। कोरोना ने अमृत योजना के तहत 7060 घरों में पानी पहुंचाने के कार्य पर भी ब्रेक लगाया है। जो कार्य दिसंबर 2020 तक पूर्ण होना था, अब वह जून तक जाकर पूर्ण होगा। यानी लोगों को करीब छह माह अधिक इंतजार करना होगा।
नगर निगम के रिकॉर्ड में करीब 125000 मकान दर्ज हैं। नगर निगम फिलहाल करीब 75 फीसदी घरों में पानी पहुंचा रहा है। अमृत योजना के तहत 24 नवंबर 2018 से पाइपलाइन डालने और ओवरहेड टैंक बनाने का कार्य शुरू हुआ था। कार्य पर 56 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। कार्य दो चरणों में चल रहा है। पहले चरण के लिए 28.35 करोड़ रुपये तथा दूसरे चरण के लिए 27.69 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पहले चरण का कार्य 23 नवंबर 2020 तक तथा दूसरे चरण का कार्य दस दिसंबर 2020 तक पूर्ण होना था। मगर मार्च में कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन की वजह से कार्य लटक गया। अब अधिकारी जून 2021 तक सप्लाई चालू होने की बात कह रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का यह भी दावा है कि सभी क्षेत्रों में पाइपलाइन डालने का कार्य करीब एक वर्ष पहले पूर्ण हो चुका है।
योजना में अब तक हुआ कार्य
पहले चरण में दिल्ली रोड स्थित आईटीआई परिसर, दाबकी जुनारदार, मानकमऊ और सड़क दूधली में ओवरहेड टैंक बनाए जा रहे हैं, जिनका निर्माण लगभग पूर्ण होने को है। सात नलकूपों का निर्माण भी पूर्ण होने को है। पाइपलाइन डाली जा चुकी है। दूसरे चरण में गांव मढ़, ग्रीन सिटी और पारसपुरम में ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। पांच नलकूपों का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुल 103 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली गई है। कार्य पूर्ण होने के बाद शहर के करीब 92 फीसदी घर कवर हो जाएंगे। उसके बाद सात से आठ फीसदी घर शेष रहेंगे।
इन क्षेत्रों में बाद में होगा कार्य
दो चरणों में पिंजौरा का कुछ क्षेत्र, दिल्ली रोड का कुछ हिस्सा और अंबाला रोड का कुछ हिस्सा बचा हुआ है। इसके अलावा कुछ नई कॉलोनियां भी हैं, जो निगम के सर्वे के बाद विकसित हुई हैं। इन कॉलोनियों में घरों की आबादी करीब साढ़े चार हजार है। इन क्षेत्रों में बाद में कार्य होगा।
कोरोना के चलते करीब ढाई माह लॉकडाउन रहा, जिस वजह से कार्य में देरी होना स्वाभाविक है। हालांकि कार्य पूर्ण होने में कितना समय लगेगा यह तो कार्यदायी संस्था ही बेहतर जानती है। लाइन चालू होने के बाद उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी निगम की होगी। -- एमके आर्य, महाप्रबंधक, जलकल।