सहारनपुर में होती आतिशबाजी से निकलता धुंआ
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सहारनपुर। दिवाली के जश्न में हुई आतिशबाजी ने हवा में धुएं का जहरीला जहर घोल दिया। मगर अच्छी बात यह है कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार प्रदूषण कम हुआ, मगर जो हुआ वह भी मरीजों के लिए कम खतरनाक नहीं है।
वर्ष 2019 में दिवाली पर आतिशबाजी के करण पीएम-10 की मात्रा 426.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही थी, जो इस बार घटकर 409.34 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। इसको एक्यूआई में नापें तो 374 रहा, जो बहुत गंभीर श्रेणी में आता है। बीते वर्ष की तुलना में इस बार प्रदूषण कम होने की एक वजह लोगों को जागरूक होना रहा है। अमर उजाला ने भी करीब एक पखवाड़े तक अनेक स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की शपथ दिलाई। जिसका लोगों पर कहीं ना कहीं असर पड़ा है।
बीते वर्ष की दिवाली की तुलना में इस बार की दिवाली पर कम प्रदूषण हुआ है, जो अच्छी बात है। लोग धीरे-धीरे आतिशबाजी के नुकसान को समझ रहे हैं। उम्मीद है भविष्य में और सुधार होगा।
एसआर मौर्य, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।