सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्मार्ट रोड बनाने का शुभारंभ एक जून को हुआ, 74 दिन बीत गए, लेकिन अब तक सिर्फ खोदाई कर मिट्टी और गिट्टी से भराव ही हुआ। बरसात के कारण मिट्टी और गिट्टी धंस गई तो सड़कें बदहाल हो गई हैं। स्मार्ट रोड निर्माण की धीमी गति से न सिर्फ राहगीरों की दुश्वारियां बढ़ी हैं, बल्कि दिन भर धूल के गुबार के कारण दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। इससे व्यापार भी चौपट हो रहा है। व्यापारियों में निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर नाराजगी है। उन्होंने निगम अधिकारियों पर भी योजनाबद्ध तरीके से काम नहीं करने का आरोप लगाया। पेश है रिपोर्ट...
व्यापारियों का पक्ष
- द सहारनपुर मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल गर्ग का कहना है कि कभी सीवर के नाम पर और कभी स्मार्ट रोड के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ा जा रहा है। महीनों तक सड़कें दुरुस्त नहीं होने से ग्राहक नहीं आ रहे हैं। व्यापारियों के हितों का ध्यान रखते हुए कार्यों में गति लाई जाए।
- द सहारनपुर मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रजत मित्तल का आरोप है कि स्मार्ट रोड बनाने का कार्य बेहद धीमा है। निर्माण में दुकानदारों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। संबंधित एजेंसी को चाहिए कि वह स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर अतिशीघ्र कार्य शुरू कराए।
- अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष गुरमेहर सिंह का कहना है कि स्मार्ट रोड बनाने का कार्य करीब एक माह पहले शुरू हुआ था। पहले एक साइड खोदी गई, फिर दूसरी। इसके बाद शहर की अन्य सड़कें खोद दी गई हैं, लेकिन पीछे के कार्य पूरे नहीं हो रहे हैं। व्यापार ठप हो गया है।
- इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी सुरेश मित्तल का आरोप है कि निर्माण कार्य करने वाले अधिकारी योजनाबद्ध तरीके से कार्य नहीं कर रहे हैं। इसका खामियाजा व्यापारियों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। पूरा शहर खोदकर छोड़ दिया गया है।
- व्यापारी आकाश कपूर का कहना है कि निर्माण एजेंसी को पहले एक सड़क को पूरा कर तब दूसरी सड़क पर काम शुरू करना चाहिए। मगर शहर भर में सड़कों को खोदकर छोड़ा जा रहा है। स्मार्ट रोड पर कई दिन से काम बंद है। इससे ग्राहक नहीं आ रहे हैं। दिन भर धूल से लोग बीमार हो रहे हैं।
विभागों में तालमेल नहीं
शहर की सड़कों के खस्ताहाल होने की एक वजह विभागों में तालमेल नहीं होना है। जब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत कोर्ट रोड पुल पर दो महीने काम हुआ, तब स्मार्ट रोड बनाने का कार्य भी पूरा कराया जा सकता था। जैसे ही पुल का कार्य पूर्ण हुआ और आवाजाही के लिए खोला गया तो स्मार्ट रोड का कार्य शुरू कर दिया गया। लॉकडाउन के दौरान भी यह कार्य निपटाए जा सकते थे। उधर, सीवर लाइन डाल रहे जल निगम के साथ भी कोई तालमेल नहीं बन पा रहा है। इस प्रकार संबंधित मार्गों के व्यापारी बीते करीब चार माह से परेशान हैं।
विरोध की वजह से नहीं हो पा रहा कार्य : नोडल
स्मार्ट सिटी सहारनपुर के नोडल अधिकारी कैलाश सिंह ने बताया कि कोर्ट रोड और रेलवे रोड पर कई दुकानें 50 से 60 साल पुरानी हैं, जो पहले ही सड़क से नीची हैं। स्मार्ट रोड बनने के बाद सड़क और ऊंची हो जाएगी। ऐसे में दुकानदार स्मार्ट रोड के विरोध में हैं। बात चल रही है, एक या दो दिन में रास्ता निकल आएगा, जिसके बाद कार्य तेजी से पूर्ण कराए जाएंगे।
कोर्ट रोड पर स्मार्ट सिटी का कार्य रूका होने के कारण टूटी पड़ी सड़क व वाहनो पर चढ़ी मिटटी- फोटो : SAHARANPUR
व्यापारी सुरेश मित्तल- फोटो : SAHARANPUR
व्यापारी गुरमेहर सिंह- फोटो : SAHARANPUR
व्यापारी आकाश कपूर- फोटो : SAHARANPUR
व्यापारी रजत मित्तल- फोटो : SAHARANPUR
कोर्ट रोड पर स्मार्ट सिटी का कार्य रूका होने के कारण टूटी पड़ी सड़क- फोटो : SAHARANPUR
रेलवे रोड पर स्मार्ट सिटी का कार्य रूका होने के कारण रोड़ हुआ जलभराव व बंद पड़ी सड़क- फोटो : SAHARANPUR