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कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छह छात्राएं बीमार

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सड़क पर भरे गन्दे पानी से गुजरती स्कूली छात्राएं - फोटो : SAHARANPUR
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तीतरों (सहारनपुर)। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के पास पानी जमा होने के चलते छह छात्राएं बुखार से पीड़ित हो गई हैं। एहतियात के तौर पर बीमार छात्राओं को उनके अभिभावक अपने साथ घर ले गए हैं।
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तीतरों क्षेत्र के ग्राम महंगी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय एक बार फिर छात्राओं के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से असुरक्षित साबित हो रहा है। पूर्व में फूड प्वाइजनिंग के चलते यहां बीस से अधिक बालिकाएं गंभीर रूप से बीमार हो गई थी। अब विद्यालय के गेट के सामने मुख्य सड़क पर जमा गंदे पानी में मच्छरों के कारण बुखार का प्रकोप फैला है। इससे कक्षा 6 की अक्षा, कक्षा 7 की प्रियांसी, नैना, शगुन व कक्षा 8 की महिमा, पायल बीमार हो गईं हैं। स्कूल की कार्यवाहक वार्डन ने बीमार बालिकाओं को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक चिकित्सा देकर उनका उपचार करने का प्रयास किया, लेकिन बुखार की गंभीरता के चलते बालिकाओं के परिजनों को सूचना दी गई। पूर्व की घटना से सबक लेते हुए शुक्रवार की सुबह सभी बीमार छात्राओं के अभिभावक उन्हें उपचार कराने के लिए अपने साथ घर ले गए।
सूचना मिलने पर बालिका शिक्षा जिला समन्वयक अतुल कुमार भी स्कूल पहुंचे और बीमार छात्राओं के साथ-साथ दूसरी छात्राओं के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी हासिल की। कार्यवाहक वार्डन दीपिका सैनी ने बताया कि बुखार के संक्रमण को देखते हुए विद्यालय की तरफ से प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराई गई, लेकिन गंभीर स्थिति से बचने के लिए उनके अभिभावक स्वेच्छा से बालिकाओं को अपने साथ ले गए हैं। उन्होंने बताया कि गेट के सामने जलभराव से मच्छर पैदा हो रहे है, जिससे बीमारी की आशंका बनी है। एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हो पाया है। ग्राम प्रधान फौजी अमित कोरी का कहना है कि जल निकासी के लिए शासन से ग्रांट नहीं मिल पाई है।
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