सरसावा/नकुड़(सहारनपुर)। सरसावा की राधास्वामी कॉलोनी में दीपावली की रात हुए अमित उर्फ काला हत्याकांड में शामिल दस-दस हजार के इनामी ईशु तथा प्रगट सिंह को मुठभेड़ में गोली लगने के बाद पुलिस ने पकड़ लिया। प्रगट सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रशिक्षु सिपाही है। उधर, नकुड़ पुलिस ने भी घाटमपुर तिराहे पर हुई मुठभेड़ में दस हजार के इनामी अर्जुन मोगा को गोली लगने पर धर दबोचा। वहीं, पुलिस ने शाम के समय बाकी तीन आरोपियों दस हजार के इनामी अमित उर्फ मीतू, विशाल और मलकीत को भी गिरफ्तार कर लिया।
सीओ नकुड़ अशोक सिसोदिया ने बताया कि सोमवार तड़के गश्त के दौरान पुलिस को एक बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। रोकने के लिए इशारा करने पर आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में ईशु तथा प्रगट सिंह निवासी सरसावा पैर में गोली लगने पर गिर पड़े। उनके पास से दो तमंचे तथा कारतूस और निशानदेही पर अमित हत्याकांड में प्रयुक्त दांव तथा लोहे का कटर भी बरामद हुआ।
उधर नकुड़ पुलिस ने गांव घाटमपुर तिराहे पर मुठभेड़ के बाद सरसावा के मोहल्ला अफगानान निवासी अर्जुन मोगा को गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है। उसका साथी ईख के खेत के रास्ते भागने में सफल रहा। मौके से पुलिस ने एक तमंचा, दो खोखा, दो कारतूस, हत्या में प्रयुक्त लोहे का दांव और एक बाइक बरामद की है। पकड़े गए बदमाश के खिलाफ आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। तीनों बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, शाम के समय सरसावा पुलिस ने हत्याकांड में वांछित चल रहे शेष तीनों आरोपियों मलकीत निवासी विविध नगर काॅलोनी, अमित उर्फ मीतू और विशाल निवासी राधा स्वामी काॅलोनी को टोल टैक्स के समीप से गिरफ्तार कर लिया।
यह था मामला
दिवाली की रात 20 अक्तूबर को राधास्वामी कॉलोनी में बुलेट बाइक साइलेंसर से धमाके की आवाज निकालने को लेकर विवाद हो गया था। इसमें पकड़े गए बदमाशों ने अपने साथियों की मदद से अमित उर्फ काला पर धारदार हथियारों से हमला किया था। उपचार के दौरान पीजीआई चंडीगढ़ में अमित की मौत हो गई थी। अमित के मामा राजवीर उर्फ बबलू प्रधान ने आठ हमलावरों को नामजद किया था। दो को पुलिस पहले ही पकड़ चुकी है। बाकि के छह पुलिस ने 12 घंटे के अंदर पकड़ लिए।
दस हजार का इनामी बदमाश बना प्रशिक्षु सिपाही
सरसावा की विविध नगर काॅलोनी निवासी प्रगट सिंह संभल में उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षु कांस्टेबल के रूप में प्रशिक्षण ले रहा था। वह दिवाली पर छुट्टी में घर आया था। उसकी गिरफ्तारी पर दस हजार का इनाम भी था। उसके पिता भी होमगार्ड के सिपाही थे। मलकीत सिंह उसका सगा भाई है।