सहारनपुर। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आरसीसी के नालों और नालियों पर सिल्ट कैचर लगाए जाएंगे। ताकि ग्राम पंचायतों से निकलने वाला दूषित पानी तालाबों में न जाए और उन जगहों पर भी गंदगी न फैले जहां जलभराव की समस्या है। पंचायत राज विभाग स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य कराएगा, जिसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
दरअसल, जिले के 11 विकासखंडों की 884 ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत रिसोर्स रिकवरी सेंटर भी बनाए गए हैं। तालाबों को निर्मल बनाने का कार्य चल रहा है। इसके तहत 125 ग्राम पंचायतों में आरसीसी के नाले और नालियां बनाई गई हैं। इन नालों और नालियाें पर अब जालीदार सिल्ट कैचर लगाए जाएंगे, जो सिल्ट को तालाबों में नहीं जाने देंगे। इसके बाद यहां से सिल्ट उठाकर सफाई कर्मचारी रिसोर्स रिकवरी सेंटर तक पहुंचाएंगे। इसको लेकर जिला पंचायत राज विभाग ने सर्वे कराकर खाका तैयार किया है।
अन्य ग्राम पंचायतों में जल्द बनेंगे आरसीसी के नाले
जिले की 125 ग्राम पंचायतों में आरसीसी के नाले और नालियां बनाई गई हैं। इसके अलावा द्वितीय चरण में 400 से अधिक ग्राम पंचायतों में भी पक्के नाले एवं नालियां बनाने का खाका तैयार किया जा रहा है।
ठोस और तरल कचरा बनेगा उपयोगी
रिसोर्स रिकवरी सेंटरों ठोस और तरल कचरे को अलग-अलग किया जाएगा। सफाई कर्मचारी सेंटरों पर ई-रिक्शा वाले रेहड़े के माध्यम से कूड़े को पहुंचाएंगे। सेंटरों में ठोस और तरल कचरे को अलग-अलग करने के लिए स्थान भी बनाए गए हैं। सफाई कर्मचारियों के अलावा स्वयं सहायता समूहों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
नालों और नालियों पर सिल्ट कैचर लगाए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह कार्य होगा। इसके साथ ही तालाबों के सुंदरीकरण के लिए भी खाका तैयार कर लिया गया है।
-आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी