सहारनपुर। जिले में संचालित आयुर्वेदिक अस्पतालों में जल्द ही चिकित्सकों की कमी दूर होगी। शासन स्तर से इन अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति होगी। उम्मीद है कि इस महीने ही पांच से छह डॉक्टरों की तैनाती हो जाएगी। इसके बाद अस्पतालों में आने वाले मरीजों को इलाज में दिक्कत नहीं होगी।
जिले में आयुर्वेद के 17 अस्पताल हैं, जो राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल नगर, नकुड़, रायपुर, पानसर, जडौदा पांडा, मीरपुर, साढ़ौली हरिया, खजूरी अकबरपुर, कालूवाला पहाड़ीपुर, छुटमलपुर, देवबंद, डिगोली, चंदेना कोली, खेड़ा मुगल, भूरीबांस, नठौड़ी और महंगी में संचालित है। आमतौर पर आयुर्वेदिक अस्पतालों में पुरानी और असाध्य बीमारियों के मरीज पहुंचते हैं। इन दिनों सर्दी, खांसी-जुकाम और सांस संबंधी मरीजों के अलावा पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ डॉक्टरों की कमी भी सामने आ रही है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में चिकित्सकों के 19 पद सृजित हैं, जिनमें से 11 पदों पर ही चिकित्सकों की तैनाती है, जबकि आठ पद अभी खाली चल रहे हैं। ऐसे में एक-एक डॉक्टर को अलग-अलग समय पर दो-दो अस्पतालों में काम देखना पड़ रहा है। अब उम्मीद है कि जल्द ही जिन अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती नहीं है, उनमें नियुक्ति की जाएगी।
आयुर्वेदिक अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है, लेकिन अब जल्द ही इन अस्पतालों में नए डॉक्टर आने की उम्मीद है। पांच से छह डॉक्टर मिल सकते हैं। अभी 19 डॉक्टरों के सापेक्ष 11 ही तैनात है। नए डॉक्टर आने से स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो जाएंगी।
- डॉ. रामकृपाल, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी