सहारनपुर। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जिले की राजनीति में दल बदल की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। तीन सितंबर को रालोद मुखिया जयंत चौधरी रामपुर मनिहारान में जनसभा करेंगे। इससे पहले रालोद में बड़ी टूट की आहट सुनाई देने लगी है। पार्टी के एक बड़े पदाधिकारी जल्द ही किसी दूसरे राजनीतिक दल का दामन थाम सकते हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी में लगातार उपेक्षा और सम्मान न मिलने से पदाधिकारी नाराज चल रहे हैं। रालोद के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है।
राजनीतिक दिग्गजों की मानें तो इन पदाधिकारी को पिछले कुछ समय से पार्टी के कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में भी महत्व नहीं मिल रहा है। पदाधिकारी दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं के संपर्क में बने हुए हैं। हालांकि अभी तक उनके संभावित नए दल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। समर्थकों का कहना है कि चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और कई नेता अपनी भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को देखते हुए नए विकल्प तलाश रहे हैं। उनके पार्टी छोड़ने की चर्चाओं पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर अटकलें लगातार जारी हैं। जिले में हाल के दिनों में दल बदल की राजनीति भी चर्चा में रही है। हाल ही में कांग्रेस छोड़कर आए पूर्व मंत्री शायान मसूद ने भी सपा का दामन थामा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। बता दें, कि तीन सितंबर को रालोद मुखिया जयंत चौधरी की रामपुर मनिहारान में जनसभा है, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है।
रालोद के गिर चुके हैं कई विकेट
रालोद में पिछले कुछ माह से एक के बाद एक बड़े पदाधिकारी पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। प्रदेश स्तर पर प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व एमएलसी डॉ. रामाशीष राय ने भी कुछ समय पहले ही इस्तीफा दिया है। इसके अलावा अन्य जिलों के कई बड़े पदाधिकारी भी छोड़कर जा चुके हैं। सहारनपुर की बात करें तो यहां पर पूर्व जिलाध्यक्ष राव कैसर सलीम ने कुछ माह पहले रालोद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आसपा का दामन थाम लिया था, तभी से वह आसपा में पूरी तरह सक्रिय है। जिले में यह दूसरा बड़ा झटका हो सकता है।