सहारनपुर। श्रीअन्न (मोटे अनाज) में अधिक पौष्टिकता के चलते जनपद में इसकी खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को न सिर्फ प्रोत्साहित किया जाएगा बल्कि उन्हें बीजों की मिनी किट भी निशुल्क दी जाएगी। जनपद के बेहट क्षेत्र और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को विशेष तौर पर इस कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्घार कार्यक्रम के तहत श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। श्रीअन्न में ज्वार, बाजरा, सावां, कोदो, रागी(मंडुआ) आदि अनाजों को शामिल किया गया है। जनपद में 2.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में विभिन्न प्रकार की खेती होती है। इसमें से करीब 1.07 लाख हेक्टेयर गन्ने की फसल को छोडकर शेष क्षेत्रफल में गेहूं, धान, जौ, चना, सरसों सब्जियां सहित अन्य फसलों की खेती की जाती है।
प्रदेश सरकार श्रीअन्न में अधिक पौष्टिकता को देखते हुए इसकी खेती पर जोर दे रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्घार कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसको सफल बनाने के लिए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव डॉक्टर देवेेश चतुर्वेदी ने कृषि विभाग को पत्र जारी किया है। जनपद में श्रीअन्न में शामिल अनाजों की खेती नाममात्र की ही होती है। कृषि विभाग जनपद में अब इसकी खेती को बढाने की कवायद में जुट गया है। इन फसलों की खेती के लिए लघु एवं सीमांत किसानों को इसके बीजों की मिनी किट निशुल्क वितरित की जाएंगी। श्री अन्न की खेती करने के लिए कृषक उत्पादक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।
जनपद में श्रीअन्न (मोटे अनाज) की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा। वैसे तो यह योजना पूरे जिले में लागू होगी लेकिन बेहट क्षेत्र में इसका खास फोकस रहेगा। साथ ही प्राकृतिक खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। डॉक्टर राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।