सहारनपुर। लगातार चेकिंग अभियान और रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी जनपद में बिजली चोरी नहीं रुक रही है। जिस वजह से विद्युत निगम लाइन लॉस से नहीं उबर पा रहा है। सबसे ज्यादा लाइन हानि वाला क्षेत्र रामपुर मनिहारान है, जहां 39.32 प्रतिशत लाइन लॉस है। जबकि 15 फीसदी से नीचे तक लाइन लॉस लाने का लक्ष्य निर्धारित है।
विभागीय अधिकारियों की सख्ती के बाद भी जनपद में लाइन लॉस कम नहीं हो पा रहा है। घनी आबादी वाले मोहल्लों में ट्रिपिंग होना आम बात हो चुकी है। थोड़ी-थोड़ी देर में किसी न किसी वजह से बिजली गुल हो जाती है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के फीडरों पर कटौती बार-बार हो रही है। इसके साथ ही बिजली चोरी भी नहीं रुक रही। जिसके चलते देहात क्षेत्र में 20 से 25 फीसदी लाइन लॉस हो रहा है। जबकि शहरी क्षेत्र में लाइन लॉस कम हो रहा है।
दो कारणों से लाइन लॉस
विद्युत निगम जितनी बिजली दे रहा है उसके अनुपात में उसे उतना राजस्व नहीं मिल रहा। इसका बड़ा कारण लाइन लॉस है। लाइन लॉस के कारण ही बिजली कटौती हो रही है। विद्युत निगम ने लाइन लॉस को दो श्रेणियों में रखा है। एक श्रेणी में बिजली चोरी के कारण होने वाला लाइन लॉस है। दूसरी श्रेणी में तकनीकी कारणों जैसे लोकल फाल्ट, जर्जर और लंबी बिजली लाइनों से होने वाला लाइन लॉस है।
विद्युत वितरण खंड में कितना लक्ष्य और लाइन लॉस
खंड का नाम लक्ष्य लाइन लॉस
सहारनपुर प्रथम 15.38 फीसदी 12.47 फीसदी
सहारनपुर द्वितीय 18.52 18.13
देवबंद 25.77 39.11
नकुड़ 23.29 34.44
रामपुर मनिहारान 24.78 39.32
बेहट 23.13 29.74
सरसावा-चिलकाना 24.93 31.22
(नोट: लाइन लॉस का आंकड़ा दिसंबर-2022 का है।)
लाइन लॉस को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। यह बात सही है कि अगर लाइन लॉस कम होता है तो बिजली सप्लाई में सुधार होगा। जिस खंड में लाइन लॉस बढ़ रहा है, वहां के संबंधित अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए हैं।- एके आत्रेय, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम