देवबंद। शब-ए-बरात के अवसर पर मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह में खत्म बुखारी शरीफ का आयोजन हुआ। इस दौरान सामूहिक दुआ कराई गई। जिसमें हजारों लोगों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर रो-रोकर दुआएं मांगी।
रविवार को ईदगाह मार्ग स्थित जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के मोहतमिम मौलाना सैयद अहमद खिजर शाह मसूदी ने छात्रों को हदीस की सबसे बड़ी किताब बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से इस्लाम की शिक्षाओं को अपनी जीवन में उतारने का आह्वान किया। मौलाना अहमद खिजर ने कहा कि जब कोई छात्र दीनी तालीम हासिल कर मौलवी बन जाता है उसकी जिम्मेदारी बढ़ जाती हैं। मौलाना फ़ुजैल नासरी और मुफ्ती वसी अहमद ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मदरसे से शिक्षा पूर्ण करने वाले छात्रों की दस्तारबंदी की गई। अंत में मौलाना अहमद खिजर शाह ने देश व दुनिया में अमनो अमान और सुख समृद्धि के लिए दुआ कराई। इसमें मुफ्ती नवेद, मौलाना अबू तलहा आजमी, मुफ्ती निसार खालिद, मौलाना हनीफ, मौलाना जमील, मौलाना हमदान शाह, मौलाना साकिब, मौलाना सलीम उस्मानी, मास्टर जईम आबिद, जकी अंजुम आदि मौजूद रहे।
अकीदतमंदों ने रातभर की इबादत, नफली रोजा भी रखा
देवबंद। शब-ए-बरात की मुकद्दस रात में मुसलमानों ने विशेष तौर पर अपने घरों और मस्जिदों में इबादत का खास प्रबंधन किया था। शब-ए-बरात के मौके पर रात भर मस्जिदों में अकीदतमंदों की भीड़ रही। उन्होंने क़ब्रिस्तानों में जाकर बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी और सवाब पहुंचाया। साथ ही लोगों ने सहरी खाकर सोमवार काे नफली रोजा भी रखा।