साढ़ौली कदीम। गन्ने की पर्याप्त आपूर्ति न होने के चलते शाकुंबरी शुगर एंड एलाइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड टोडरपुर पेराई सत्र के प्रारंभ में ही गन्ने की कमी से जूझ रही है। इससे मिल प्रबंधन के साथ गन्ना किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बता दें कि पिछले आठ पेराई सत्रों से बंद पड़ी शुगर मिल ने गत वर्ष ट्रायल कर इस सीजन में मिल का पेराई सत्र नवंबर के प्रथम सप्ताह में ही शुरू कर दिया था। पेराई सत्र के प्रारंभ से ही चीनी मिल पर्याप्त गन्ना न मिल पाने के चलते नो केन होने लगी। शनिवार को चीनी मिल सुबह सात बजे गन्ने की कमी से कारण बंद करनी पड़ी। शाम करीब चार बजे किसानों के उग्र होने पर मिल को चालू किया गया।
शासन द्वारा मात्र आठ गन्ना क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं, जबकि मिल बंदी से पूर्व मिल के पास 54 गन्ना क्रय केंद्र व मिल गेट से जुड़े गांव थे। गन्ना किसान इन्द्राज सिंह, योगेन्द्र सिंह, शंभूराम, बिरमपाल कांबोज, पदम प्रकाश शर्मा, मेघराज सैनी, राजेश पंवार, सोनू धीमान आदि का कहना है कि मिल नो केन होने से उन्हें कई कई घंटे तौल शुरू होने की प्रतीक्षा में खड़े होना पड़ रहा है। किसान चिंतित है कि कहीं गन्ने की कमी के चलते मिल प्रबंधन दोबारा मिल बंदी की घोषणा कर चीनी मिल को बंद न कर दें।
उधर, चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक सोमप्रकाश सिंह का कहना है कि चीनी मिल की पेराई क्षमता नियमित 55 हजार क्विंटल की है, जबकि क्षमता से भी कम 33 हजार क्विंटल प्रतिदिन पर मिल को चलाने का प्रयास किया जा रहा है। शासन से लगातार गन्ना क्रय केंद्र बढ़ाने की मांग को लेकर प्रयासरत हैं।