- दोपहर 12 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दर्शन को भेजे गए श्रद्धालु
- घाड़ क्षेत्र के कई गांवों का तहसील मुख्यालय से घंटों संपर्क कटा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाकंभरी (सहारनपुर)। रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते मां शाकुंभरी के दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को शाकंभरी नदी (खोल) में जलस्तर बढ़ने से घटों इंतजार करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने उन्हें एहतियात के तौर पर भूरादेव पर करीब छह घंटे तक रोके रखा। दोपहर 12 बजे उन्हें दर्शन के लिए जाने की अनुमति मिली। जलस्तर कम होने के बाद दोपहर 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से सुरक्षित रूप से सिद्धपीठ की ओर भेजा गया।
शुक्रवार और शनिवार को भी नदी का जलस्तर बढ़ा था, हालांकि रास्ता पूरी तरह बाधित नहीं हुआ और श्रद्धालुओं को ट्रैक्टर-ट्रॉली से सुरक्षित तरीके से भेजा जाता रहा। रविवार की तड़के शिवालिक क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद शाकंभरी नदी का जलस्तर बढ़ गया। पानी का बहाव लंबे समय तक तेज रहने के कारण पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें भूरादेव पर ही रोक दिया।
दोपहर में जलस्तर कुछ कम होने के बाद श्रद्धालुओं को ट्रैक्टर-ट्रॉली से नदी पार कराकर मां शाकंभरी देवी के दर्शनों के लिए भेजा गया। शाकंभरी चौकी प्रभारी रामकुमार गौतम पुलिस स्टाफ के साथ लगातार श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों को नदी में पानी बढ़ने की सूचना प्रसारित कर अलर्ट करते रहे। नदी में तेज बहाव और बड़े-बड़े पत्थरों के कारण आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। कई बार ट्रैक्टर-ट्रॉली भी नदी के बीच में पत्थरों और कीचड़ के कारण फंस जाती हैं।
मंदिर के सामने स्थित शाकंभरी पुलिस चौकी तक पहुंचना भी पुलिसकर्मियों के लिए चुनौती बना हुआ है। चौकी प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों को रात में चौकी तक पहुंचने और सुबह भूरादेव लौटने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर रास्ता खराब होने के कारण पुलिसकर्मी जेसीबी की मदद से चौकी से भूरादेव तक पहुंचकर ड्यूटी कर रहे हैं।
घाड़ क्षेत्र की कई बरसाती नदियां उफनीं
मिर्जापुर। शिवालिक पहाड़ियों में हो रही लगातार बारिश के चलते घाड़ क्षेत्र की खुवासपुर, पाडली, शाहपुर गाड़ा, बादशाही बाग नौगांवा सहित अन्य बरसाती नदियों में भी रविवार को पूरे दिन तेज बहाव बना रहा।
कई स्थानों पर नदी का पानी रास्तों के ऊपर से बहने के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हुआ। गांव खुवासपुर, जानीपुर और पाडली गांवों के ग्रामीणों का कई घंटे तक तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कटा रहा। नदी-नालों का जलस्तर कम होने के बाद ही ग्रामीणों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी। खुवासपुर निवासी रियाजुल प्रधान, बिलाल चौधरी, जानीपुर निवासी फारूख चौधरी, समरयाब चौधरी और हसना चौधरी आदि ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में तहसील मुख्यालय से संपर्क कटना आम समस्या हो गई है। बारिश होते ही पानी रास्तों पर आ जाता है और ग्रामीणों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों से कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।
गांव शाहपुर गाड़ा नदी में जलस्तर बढ़ने पर जान जोखिम में डालकर नदी पार करते राहगीर। संवाद
गांव शाहपुर गाड़ा नदी में जलस्तर बढ़ने पर जान जोखिम में डालकर नदी पार करते राहगीर। संवाद
गांव शाहपुर गाड़ा नदी में जलस्तर बढ़ने पर जान जोखिम में डालकर नदी पार करते राहगीर। संवाद
गांव शाहपुर गाड़ा नदी में जलस्तर बढ़ने पर जान जोखिम में डालकर नदी पार करते राहगीर। संवाद