एसएसपी ने बताया कि जांच के बाद पता चला कि मानकमऊ निवासी शाहरूख उर्फ बकरी पुत्र फारूख, मुस्तकीम पुत्र याकूब, मोहसीन उर्फ लिलवा पुत्र युसुफ, शाहरूख पुत्र जमील और मृतक शाहनवाज आपस में गहरे दोस्त थे। सभी स्मैक का नशा करते थे। पांचों का एक दूसरे के घर आना-जाना था। इसी दौरान शाहरूख पुत्र जमील की पत्नी के साथ शाहनवाज के अनैतिक संबंध हो गए।
इसकी जानकारी होने पर शाहरूख पुत्र जमील, मोहसीन, मुस्तकीम, शाहरूख उर्फ बकरी ने हत्या का प्लान बनाया। 28 जनवरी की रात को उक्त चारों आरोपी शाहनवाज को कार से सरसावा के बुढेड़ा गांव के जंगल में ले गए। यहां पर पहले उसे स्मैक का नशा कराया और उसका गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को जला दिया था। पुलिस ने जांच के बाद हत्यारोपी शाहरूख उर्फ बकरी, मुस्तकीम और मोहसीन उर्फ लिलवा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
शाहरूख कोर्ट में पेश होकर जेल गया
एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी शाहरूख पुत्र जमील शस्त्र अधिनियम में पहले जेल जा चुका था। इस मामले में वह जमानत पर था। अब मृतक शाहनवाज की पहचान होने पर वह शस्त्र अधिनियम के मुकदमे में जमानत तुड़वाकर कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।