ईरान में छाया सहारनपुर का छोरा
बड़गांव। गांव दल्हेड़ी का छोरा आदित्य राणा ईरान में छा गया। अंडर-18 वॉलीबाल की भारतीय टीम में कुछ दिन पहले ही उसका चयन हुआ था। टीम ने ईरान (तेहरान) में आयोजित एशियन वॉलीबाल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। बुधवार यानि आज भारतीय टीम वतन वापसी करेगी और घर पहुंचने पर आदित्य राणा का भव्य स्वागत किया जाएगा।
बता दें कि 16 अगस्त को भारतीय टीम ने रोचक मुकाबले में थाइलैंड को मात दी थी। उसके बाद 18 अगस्त को कोरिया के साथ मुकाबले में भी एकतरफा जीत भारत की टीम ने हासिल की। वहीं 20 अगस्त की शाम को हुए चीनी ताइपे की टीम को कांटे की टक्कर दी और चीनी ताइपे टीम को हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। सोमवार को सेमीफाइनल मुकाबला ईरान की टीम के साथ हुआ, जिसमें ईरान की टीम ने भारतीय टीम को हरा दिया। वहीं सोमवार देर शाम को चैंपियनशिप में कांस्य पदक के लिए कोरिया की टीम के साथ भारत की टीम का मुकाबला हुआ, जिसमें भारत की टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर कांस्य पदक पर अपना कब्जा किया। भारतीय टीम की इस जीत से 2023 में अंडर-19 वॉलीबाल विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने में मदद मिलेगी।
साधारण किसान परिवार से आदित्य राणा
- दल्हेड़ी के रहने वाला आदित्य राणा एक साधारण किसान के परिवार से है। आदित्य राणा, पिता शिवकुमार सिंह के इकलौती संतान है। इससे पहले परिवार के किसी भी सदस्य का खेलों से कभी कोई नाता नहीं रहा है। अपनी मेहनत और काबिलियत के बलबूते आदित्य का चयन भारत की वॉलीबाल अंडर-18 टीम में हुआ और ईरान में भारत की टीम को कांस्य पदक दिलाया है। कांस्य पदक आने पर गांव देहात में खुशी का माहौल है।
सीनियर वॉलीबाल टीम में खेलने का लक्ष्य
आदित्य के ताऊ ओमपाल सिंह ने बताया कि आदित्य का लक्ष्य देश की सीनियर वॉलीबाल टीम में खेलकर मेडल जीतने का है। वॉलीबाल में बेहतरीन प्रदर्शन करने के कारण ही उसे भारत की अंडर-18 टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर ईरान के तेहरान में सेमीफाइनल खेलते समय दाहिने हाथ की अंगुली में चोट न लगती तो आज बात ही कुछ अलग होती।
खुशी का इजहार करता आदित्य राणा- फोटो : SAHARANPUR