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Saharanpur News: स्मार्ट सिटी में जगह-जगह टूटे हैं सीवर के ढक्कन

Sun, 05 Feb 2023 10:40 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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निर्माणाधीन स्मार्ट रोड पर टूटे ढक्कन के ऊपर संकेतक के रूप में रखा गया पत्थर।
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी में जगह-जगह सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं। इसकी वजह से सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है। साथ ही यातायात भी प्रभावित हो रहा है। शिकायत के बाद भी संबंधित कंपनी के कर्मचारी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसकी वजह से कई स्थानों से महीनों से ढक्कन नहीं बदले गए हैं। पूर्व महापौर ने भी शासन में कंपनी की कई बार शिकायत की परंतु समस्या जस की तस है।
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महानगर के अति व्यस्त बाजार नेहरू मार्केट में श्रीराम चौक से घंटाघर तक सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं। एक ढक्कन सड़क से तीन इंच नीचे धंसा है तो दूसरा एक सप्ताह पहले बदला गया था। वह फिर से टूट गया है। यहां लापरवाही यह भी है कि जो पुराना ढक्कन निकाला गया था वह सड़क के बीचोंबीच पड़ा है। करीब एक सप्ताह से टूटा ढक्कन सड़क के बीच में रखा होने से यातायात प्रभावित है।
धोबीघाट से पुल खुमरान की ओर आने वाले मार्ग पर सीवर का ढक्कन महीनों से टूटा पड़ा है। इसकी वजह से लोग अपने वाहन लेकर बचकर निकलते हैं। पुल खुमरान के समीप ढक्कन धंसा हुआ है। स्थानीय पूर्व पार्षद टिंकू अरोड़ा कई बार शिकायत कर चुके हैं परंतु सुनवाई नहीं हुई है। वार्ड 43 में टूटे ढक्कनों के कारण हादसे हो चुके हैं। तीन माह पहले एक बुजुर्ग खुले मैनहोल में गिरकर चोटिल हुए थे। शहर के ज्यादातर क्षेत्रों का यही हाल है। निगम अधिकारियों की मजबूरी यह है कि ढक्कन रखने का ठेका निजी कंपनी के पास है और जनता के प्रति जवाबदेही निगम अधिकारियों की है।
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कई सड़कों पर बना दिए टापू
महानगर में कई सड़कों पर सीवर के ढक्कन सड़क से ऊंचे रख दिए हैं। इनकी सड़क से ऊंचाई तीन से चार इंच तक है। ऐसे में यात्री वाहन उक्त ढक्कनों से बचकर चलाते हैं। साथ ही हादसा होने का खतरा भी रहता है। स्मार्ट सिटी सहारनपुर के अधिशासी अभियंता अमरेंद्र गौतम का कहना है कि सड़क पर एक परत और बिछाई जानी है। जिसके बाद ढक्कन सड़क के स्तर के बराबर आ जाएंगे।

ढक्कनों की गुणवत्ता पर सवाल
ठेका कंपनी को प्रति ढक्कन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। ऐसे में समय-समय पर ढक्कनों की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व पार्षद मुकेश गक्खड़ का कहना है कि पूर्व में ढक्कन छह महीने से सालभर तक चलते थे, लेकिन अब एक महीने में चार से पांच ढक्कन बदले जा रहे हैं। उनकी मांग है कि निगम ढक्कनों की गुणवत्ता की जांच कराए।

तीन महीने से कर रहे मांग
पूर्व पार्षद अधिवक्ता आशुतोष सहगल ने बताया कि कुम्हारों वाली गली, सराफा बाजार में कई ढक्कन टूटे हुए हैं। वे तीन महीने से ढक्कन बदलने की मांग कर रहे हैं। निगम के अधिकारियों को भी शिकायती पत्र दिए गए हैं, लेकिन ढक्कन नहीं बदले गए हैं। इनकी वजह से हादसा होने का खतरा बना हुआ है।

कंपनी के कर्मचारी नहीं सुनते
पूर्व पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि उनके क्षेत्र बूढ़ीमाई चौक, ठाकुरोवान में मैनहोल के ढक्कन टूटने से कई बार हादसे हो चुके हैं। कंपनी के कर्मचारियों को ढक्कन बदलने को कहा जाता है तो सुनवाई नहीं होती है। निगम के अधिकारी भी लाचार हैं।

इस नंबर पर दर्ज कराएं शिकायत
सीवर की सफाई या ढक्कन संबंधी समस्या के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कंपनी का टोल फ्री नंबर 1800313797979 हैं। अधिकारियों का दावा है कि टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के बाद कंपनी के कर्मचारी 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान कराएंगे।

सीवर के ढक्कन बदलने का ठेका एक निजी कंपनी पर है। तीन दिन पहले ही कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य में गंभीरता लाने के लिए कहा गया है। साथ ही कंपनी का टोल फ्री नंबर भी जारी कराया गया है। यदि किसी नागरिक को सीवर संबंधी कोई भी समस्या है तो वह टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराकर 24 घंटे में समाधान पा सकता है।-आरएस यादव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग

निर्माणाधीन स्मार्ट रोड पर टूटे ढक्कन के ऊपर संकेतक के रूप में रखा गया पत्थर।

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