-जिले में 56 उपकेंद्रों का होना है नवीनीकरण, 24 बनकर हुए तैयार, 21 पर चल रहा काम
-ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बनाएं जा रहे उपकेंद्र
-जर्जर उपकेंद्रों को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक बेहतर होंगी। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के तहत जिले में 56 स्वास्थ्य उपकेंद्र बनेंगे। इनमें से 24 उपकेंद्र बनकर तैयार हो गए हैं। सात उपकेंद्र जर्जर होने के चलते उन्हें तोड़ा जाएगा, जबकि चार के लिए नए सिरे से जमीन तलाश होगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
शासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए जोर दिया है। यहीं कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले उपकेंद्रों का नवीनीकरण किया जा रहा है। 56 उपकेंद्रों में से 24 का नवीनीकरण कर लिया है, जबकि 21 उपकेंद्रों पर तेजी के साथ काम चल रहा है।
सात उपकेंद्रों की हालत ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। इसके अलावा नकुड़ के अंबेहटी, सुनहेटी के घोघरेकी, शेखपुरा और साढ़ौली कदीम के कांसेपुर में पहले जमीन देखी गई थी, जो विवादित है। इसलिए इनके स्थान पर दूसरी जगह जमीन की तलाश स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। इसके लिए महानिदेशक स्वास्थ्य को पत्र भी लिखा गया है।
यहां तोड़े जाएंगे उपकेंद्र
मुजफ्फराबाद ब्लॉक के गांव झिझोंली, बेहट, साढ़ौली कदीम के हरिपुर, सलेमपुर, पुवारंका के चकहरेटी, रामपुर मनिहारान के अंबेहटा चांद और बलियाखेड़ी के मल्हीपुर का उपकेंद्र शामिल है।
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ये मिलेंगी सुविधाएं
सुरक्षित प्रसव, शिशु देखभाल, टीकाकरण, परिवार नियोजन, बीमारियों का उपचार, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मानसिक, नाक, कान, आंखों का उपचार और आकस्मिक ट्रामा सेवाएं आदि मिलेगी।
वर्जन
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर है। 56 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाएं जा रहे हैं। सात उपकेंद्रों की हालत ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें ध्वस्त कराकर दोबारा तैयार किया जाएगा। चार के लिए नए सिरे से जमीन की तलाश होगी।
- डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी