-19 जुलाई को लाइन का सर्वे करते वक्त यमुना में बह गए थे जेई
-एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार कर रही थीं तलाश
चिलकाना(सहारनपुर)। यमुना नदी में विद्युत लाइन लगाने का सर्वे करते समय एक सप्ताह पहले नदी में बहे जेई का शव नकुड़ थाना क्षेत्र के गांव टाबर के पास हरियाणा की सीमा से बरामद हो गया। शव नदी किनारे खड़े पेड़ों में अटका हुआ था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। जेई की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
बता दें कि 19 जुलाई को जेई प्रमोद कुमार चिलकाना क्षेत्र के आल्हणपुर घाट पर सर्वे के दौरान पैर फिसलने के कारण यमुना नदी के उफान में बह गए थे। एक सप्ताह से लगातार एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय गोताखोरों के साथ नदी में बहे जेई को तलाश रही थीं। एनडीआरएफ की टीम जेई की तलाश करती हुई शामली से भी आगे तक पहुंच गई थी। डीएम डा़ दिनेश चंद्र भी स्वयं नदी में बहे जेई की लगातार जानकारी ले रहे थे।
नकुड़ कोतवाली प्रभारी राजेंद्र कुमार वशिष्ठ ने बताया कि बुधवार सुबह उन्हे सूचना मिली कि यमुना नदी के हरियाणा की तरफ बसे गांव पवारी के रकबे में नदी किनारे पेडों में एक लाश अटकी पड़ी है। इसके बाद पुलिस, जेई के परिजन और खोजी टीम मौके पर पहुंची। परिजनों ने शव की पहचान जेई के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जेई के नदी में बहने पर कैराना सांसद चौधरी प्रदीप, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता मुनेश चोपड़ा, मुख्य अभियंता एके आत्रेय, अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह, राजवीर सिंह, पंकज कुमार, एसडीओ चिलकाना लक्ष्मीकांत बिंद, एसडीओ सरसावा राजकुमार सहित पूरा प्रशासन जेई के शव की तलाश में लगा था। जेई के परिजन भी घटना वाले दिन से सहारनपुर में डेरा डाले थे।