सहारनपुर। बिना सूचना लंबे समय से गैरहाजिर सहारनपुर के एक चिकित्सक की सेवा समाप्त होगी। इसके साथ ही टीबी सेनोटोरियम चिकित्सा अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकी जाएगी। इनके अलावा छह चिकित्सक शासन की रडार पर है, जो लंबे समय से ड्यूटी स्थल पर नहीं पहुंचे। इनकी जांच भी चल रही है।
स्वास्थ्य विभाग में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है। कहीं रेडियोलॉजिस्ट नहीं है तो किसी स्वास्थ्य केंद्र पर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। चिकित्सक नियुक्ति के बाद गायब हो जा रहे हैं।
जिले के छह चिकित्सक ऐसे हैं, जो करीब पांच साल से गैरहाजिर चल रहे। इनमें गंगोह से डॉ. सरोज मिश्रा, फतेहपुर से डॉ. सीमांत सैनी, डॉ. हिमांशु मलिक, पुवांरका से डॉ. डिंपल सैनी, डॉ. प्रदीप कुमार अरोड़ा और सुनहेटी खरखड़ी से डॉ. नीरज कुमार शामिल है।
इन चिकित्सकों को विभाग की तरफ से कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। इनकी रिपोर्ट बनाकर विभाग ने शासन को भेज दी है। सभी की जांच चल रही है।
अब उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव को ड्यूटी से लापता प्रदेश के 17 चिकित्सकों की सेवा समाप्त करने निर्देश दिए हैं। इसमें डॉ. अमित कुमार का नाम भी शामिल है, जिनकी तैनाती सहारनपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कैलाशपुर पर थी।