सहारनपुर में हरियाणा से शराब की तस्करी का अवैध धंधा वर्षों से चल रहा है। चुुनावी मौसम में शराब की तस्करी बढ़ती रही है, जो कई बार फसाद भी करा चुकी है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रशासन जनपद की सीमाओं पर चौकसी बरत रहा है।
मकसद जनपद में अवैध शराब, अवैध नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री की आमद को रोकना है। चूंकि हरियाणा और सहारनपुर की सीमा आपस में करीब 40 किलोमीटर लंबी है। ऐसे में प्रशासन के सामने नजर रखने में भौगोलिक समस्या आड़े आ रही है।
सहारनपुर हरियाणा और उत्तराखंड से घिरा हुआ है। इसके अलावा दिल्ली भी अधिक दूर नहीं है। दिल्ली से आने के लिए सहारनपुर में दो मार्ग हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से लगी आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए प्रशासन जनपद की सीमाओं पर चौकसी बरत रहा है।
पुलिस के साथ ही प्रशासन की ओर से गठित किए गए उड़न दस्ते एंट्री पर वाहनों खासकर चौपहिया वाहनों की सघन जांच कर रहे हैं। इसके अलावा हाइवे पर गश्त भी किया जा रहा है।
हरियाणा की सीमा चिलकाना से लेकर सरसावा, नकुड़ और गंगोह तक मिलती है, जिसकी लंबाई 40 किलोमीटर से अधिक है। पुलिस केवल सड़क मार्ग पर बनी एंट्री पर जांच कर रही है, जबकि यमुना और जंगल के रास्तों पर नजर रख पाना संभव नहीं है।
ऐसे में चर्चा है कि शराब की तस्करी अब भी जारी है। उत्तराखंड से मिली सीमाओं पर थोड़ी सख्ती अधिक है। चूंकि, उत्तराखंड में भी चुनाव है। ऐसे में दोनों ही राज्यों की पुलिस और प्रशासन सीमा पर चौकसी बरत रहा है।
इसके अलावा दिल्ली भी सहारनपुर के नजदीक है। दिल्ली से कोई भी व्यक्ति वाया मेरठ और मुजफ्फरनगर तथा वाया शामली सहारनपुर में एंट्री कर सकता है। यानी दो सड़क मार्गों से एंट्री हो सकती है। ऐसे में पुलिस और उड़न दस्ते इन मार्गों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
चुनावों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने को कई गांवों में फ्लैग मार्च निकाला गया। आईटीबीपी के कंपनी कंमाडर प्रेम पटियाल, सब इंस्पेक्टर रमेश चंद, थाना प्रभारी निरीक्षक छोटे सिंह, एसआई गजेंद्र सिंह त्यागी, एसआई नरेंद्र सिंह ने भारी फोर्स को साथ लेकर क्षेत्र के नूनाबड़ी, बेलड़ा, दल्हेड़ी, झबीरन, कातला, बडग़ांव, महेशपुर आदि गांवों में फ्लैग मार्च किया। लोगों से शांति पूर्वक एवं निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की।