अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी द्वारा मुस्लिम पैगंबर पर की गई टिप्पणी को लेकर पहले देवबंद और फिर शहर के अरबी मदरसे के तलबा की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शनों के बाद शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा निगरानी में जुमे की नमाज अदा कराई गई।
जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद एक बैठक भी हुई। इसमें टिप्पणी प्रकरण की निंदा के अलावा छह दिसंबर को काला दिवस मनाने की तैयारियों में जुटने की अपील भी की गई। इस मामले के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरपी यादव ने शहर के सभी थानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे।
इसके अलावा खुफिया टीमें भी जामा मस्जिद के अलावा शहर के प्रमुख मदरसों के आसपास के माहौल पर नजर रखने को सक्रिय रही। इसी सतर्कता के चलते शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के लिए नमाजियों के जुटने से पहले ही अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया।
पुलिस फोर्स की कड़ी सुरक्षा, निगरानी के बीच जुमे की नमाज संपन्न हुई। इसके बाद जामा मस्जिद में ही एक बैठक हुई। इसमें मौलाना जहीर अहमद सहित अन्य वक्ताओं ने पैगंबर पर टिप्पणी के प्रकरण की निंदा की। इसके अलावा बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के आह्वान पर छह दिसंबर को काला दिवस मनाने की तैयारियों में जुटने की अपील की गई।
यह भी कहा गया कि मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों से लेकर तलबा तक अपनी प्रतिक्रियाएं देने में संयम बरतें ताकि अमन के माहौल पर कोई असर न पड़े।
घंटाघर चौक पर भी चौकन्नी रही पुलिस
टिप्पणी के मामले में जुमे की नमाज के बाद कुछ लोगों के घंटाघर चौक पर पहुंचने की संभावनाएं भी जाहिर की गई थीं। यहां आकर किसी तरह का विरोध प्रदर्शन न हो जाए। इसे लेकर घंटाघर चौक पर भी पुलिस चौकन्नी रही। हनुमान मंदिर के पास व्रज वाहन भी निगरानी पर रहा।