सहारनपुर के सड़क दूधली में हुए बवाल के दौरान सांसद राघव लखनपाल के सुरक्षा कर्मी ने ही फायरिंग की थी। जिस पर भगदड़ मची थी और पथराव हुआ था। फायरिंग को लेकर लेकर तो जमकर हंगामा मचा, लेकिन पुलिस ने फायरिंग होने की घटना को सिरे से नकार दिया था।
सांसद सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीआईएसएफ के उप निरीक्षक ने एसएसपी के सामने फायरिंग किए जाने की बात का खुलासा किया है। फायरिंग करने वाले सुरक्षा कर्मी पर जांच भी बैठा दी गई है।
सड़क दूधली में 20 अप्रैल को डाक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान जमकर पथराव, तोड़फोड़, आगजनी की गई। उस समय फायरिंग भी हुई, जिस पर भगदड़ मच गई थी और दूसरे समुदाय के लोग आक्रोशित हो गए थे।
लोगों ने फायरिंग किए जाने की लगातार शिकायत की। लेकिन पुलिस ने फायरिंग किए जाने की बात को सिरे से नकार दिया। यहां तक कि पुलिस की ओर से कराई गई दो एफआईआर में से किसी में भी फायरिंग का जिक्र तक नहीं किया गया।
लेकिन बुधवार को घटना में फायरिंग होने की पुष्टि हो गई। सांसद राघव लखनपाल शर्मा की सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ कर्मी ने ही सड़क दूधली में फायरिंग की थी।
सांसद की सुरक्षा प्रभारी सीआईएसएफ के उपनिरीक्षक विकास ने एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे के सामने इस बात का खुलासा किया। विकास ने बताया कि उस दिन कुछ लोगों द्वारा सांसद को घेरने और पथराव होने से बचाने के लिए उनकी सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ कर्मी विष्णु विजय ने हवाई फायर किया था।
इसकी जानकारी होने के बाद से ही उसे हटा दिया गया है और उसके द्वारा की गई फायरिंग की विभागीय जांच बैठा दी गई है। उप निरीक्षक विकास ने इस मामले में पुलिस से घटना की जांच के लिए एफआईआर की कापी की मांग की है।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि सड़क दूधली की घटना की बारीकी से जांच कराई जा रही है। इस मामले में तो भी तथ्य सामने आते जाएंगे, जांच में शामिल कराया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उप निरीक्षक विकास से भी घटना के बारे में जानकारी ली।