ईटीपी का निरीक्षण करते कमिश्नर लोकेश एम
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सहारनपुर। हिंडन नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने के मकसद से मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने सोमवार को औद्योगिक इकाइयों के ईटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गर्ग डाइंग, कामधेनू कॉम्पलैक्स, सुपर टैक्सटाइल्स, गणपति टैक्सटाइल्स, टिपरपुर जनता रोड आदि के ईटीपी देखे।
गर्ग डाइंग की इकाई चलती पाई गई, लेकिन ईटीपी प्लांट पूरी तरह बंद पाया गया। सुपर टैक्सटाइल का ईटीपी भी निष्प्रयोज्य अवस्था में मिला। इकाई के नजदीक अशुद्ध उत्प्रवाह ढमोला नदी में गिरता पाया गया, जोकि सुपर टैक्सटाइल्स का माना जा रहा है, क्योंकि इस इकाई के पास स्थापित दो इकाईयों में उत्पादन कार्य बंद है। गणपति टैक्सटाइल्स में उत्पादन बंद पाया गया तथा ईटीपी की मरम्मत होते मिली। गर्ग डाइंग एवं सुपर टैक्सटाइल्स की कार्यप्रणाली के संबंध में मंडलायुक्त द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को तत्काल उक्त इकाइयों को सील करने के निर्देश दिए गए। अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी सचेत किया गया कि वह अपना ईटीपी पूर्णतया क्रियाशील रखें। अन्यथा उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को सुधार कराने के निर्देश दिए। 15 दिन बाद फिर से निरीक्षण करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त प्रशासन डीपी सिंह भी मौजूद रहे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड किस काम का
सोमवार को मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने खुद औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करते हुए बड़ी खामियां पकड़ी हैं, जिनकी वजह से हिंडन साफ होने की बजाय और दूषित हो रही है। सवाल यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी क्या कर रहे हैं? मंडलायुक्त ने एक ही दिन में कईं इकाइयों की खामी पकड़ी है, जबकि नियंत्रण बोर्ड पूरे साल भर में दो दर्जन भी इकाइयों पर कार्रवाई नहीं कर पाता है।