फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसडीएम ने दी नागरिकता संशोधन कानून की जानकारी

विज्ञापन
बेहट में नागरिकता संसोधन विधयेक को लेकर पत्रकारों से वार्ता करते एसडीएम एवं सीओ। - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
बेहट (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शनिवार को एसडीएम देवेंद्र पांडेय ने प्रेस वार्ता कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए मीडिया भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
विज्ञापन

अपने कार्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान एसडीएम ने बताया कि इस कानून के अंतर्गत यह प्रावधान है, कि 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में आकर रहने वाले व भारत सरकार अथवा पासपोर्ट अधिनियम 1920 अथवा विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 के प्रावधानों के अंतर्गत जिन्हें छूट है, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और प्रवासियों को वर्तमान में अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा। अवैध प्रवासी उन विदेशियों के रूप में परिभाषित है, जो वैध पासपोर्ट या दस्तावेज के बिना भारत में प्रवेश कर निवासरत है या अनुमन्य समय अवधि के उपरांत निर्वासत है।
उन्होंने बताया नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार भारतीय नागरिकता को जन्म, वंश, पंजीकरण या प्राकृतिकरण / समीकरण के आधार पर प्राप्त किया जा सकता है। नागरिकता प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति को 12 माह पहले तक भारत में निवास और 12 माह से पहले 14 साल में से 11 साल भारत में बिताने की शर्त पूरी करनी पड़ती है। संशोधन के बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय हिंदू, सिख, जैन, पारसी और ईसाई प्रवासियों को भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारत में 11 वर्ष बिताने की शर्त को घटाकर पांच वर्ष का प्रावधान किया गया है। अवैध प्रवासियों के लिए नागरिकता संबंधी उपरोक्त प्रावधान की छठी अनुसूची में शामिल असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों पर लागू नहीं होंगे। इसके अलावा यह प्रावधान बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन 1873 के तहत अधिसूचित इनर लाइन क्षेत्रों पर भी लागू नहीं होंगे।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में भारतीयों की यात्राओं को इनर लाइन परमिट के माध्यम से विनिमित किया जाता है। इस कानून के अंतर्गत किसी भी संवैधानिक संस्था द्वारा निर्गत कार्ड धारक प्रवासी को सुनने का मौका प्रदान करने के बाद ही सरकार द्वारा कोई कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। उन्होंने धारा 144 लागू करने का भी हवाला देते हुए कहा कि कोई कानून को अपने हाथ में ले लें, यदि किसी को विरोध करना है तो शांतिपूर्वक तरीके से अधिकारियों से ज्ञापन दें। उनके साथ सीओ विजयपाल सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें