गंगोह। सरकारी गेहूं व चावल की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। गरीबों के घरों तक पहुंचने वाला राशन का गेहूं और चावल कालाबाजार पहुंच रहा है। सरकार के पहरे के बाद भी आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से राशन की कालाबाजारी का खेल चल रहा है। शिकायत पर एसडीएम ने गेहूं के 180 बोरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी। सरकारी राशन का गोदाम भी सील किया। लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी आपूर्ति विभाग की टीम जांच को दो कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाई है। जिसके कारण विभागीय अधिकारियों की मंशा पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
सरकार गरीबों को सस्ता और निशुल्क राशन उपलब्ध कराने के लिए योजना चला रही हैं। वहीं सरकारी राशन की कालाबाजारी करने वाले लोग भी सक्रिय हैं। राशन की दुकानों पर सभी कार्ड धारकों को राशन न दिए जाने, कम राशन दिए जाने की शिकायतें आम हैं। राशन डीलरों से मिलीभगत के चलते जनता की शिकायतों को नजर अंदाज किया जाता है। जिसका जीता जागता सबूत यह है कि सरकारी राशन का गेहूं और चावल कालाबाजार पहुंच रहा है।
मंगलवार की रात एसडीएम नकुड़ हिमांशु नागपाल को जानकारी मिली की ट्रैक्टर-ट्रॉली में सरकारी गेहूं के बोरे भरकर कालाबाजार भेजा जा रहा है। सूचना पाकर एसडीएम ने खुद ही घेरा बंदी शुरू कर दी और रास्ते में ही गेहूं की बोरियों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। पकड़ा गया गेहूं और ट्रैक्टर कोतवाली पुलिस के सपुर्द कर दिया। इसके उपरांत एसडीएम ने जंधेडा मार्ग स्थित सरकारी गेहूं के गोदाम को सील कर दिया। ताकि रिकार्ड में राशन का मौके पर मिलान किया जा सके। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। उधर जांच टीम में शामिल एआरओ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए ट्रैक्टर-ट्रॉली में 180 बोरों में गेहूं भरा है। टीम जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है। उधर एसडीएम हिमांशु नागपाल का कहना है कि राशन की जांच की जा रही है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।