सहारनपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष गर्मियों की छुट्टियों में कटौती करते हुए एक जुलाई की बजाए 16 जून से स्कूलों को खोल शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अमर उजाला टीम ने स्कूलों का हाल जाना, तो बृहस्पतिवार को पहले दिन परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या नाममात्र की रही। कुछ जगहों पर तो एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा।
नानौता ब्लॉक के बड़गांव के शिमलाना के प्राथमिक स्कूल में बृहस्पतिवार को पहले दिन एक भी बच्चा नहीं आया, जबकि यहां पर 96 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल परिसर में झाडू तक नहीं लगाई गई थी। अपने कक्ष में बैठे मिले प्रधानाध्यापक अमित कुमार का कहना था कि सफाईकर्मी नहीं आने के कारण सफाई नहीं हो सकी है। बच्चों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। एक दो दिन में सभी नियमित हो जाएंगे।
रामपुर मनिहारान ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल सलेमपुर में पंजीकृत 88 बच्चों में से पहले दिन 50 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापिका सीमा रानी, सहायक अध्यापक तरुण सिंह और शिक्षा मित्र संदीप पंवार, शुभलेश दुपहर के वक्त उन्हें मिड-डे मील खिलाते मिले।
बिहारीगढ़ उच्च प्राथमिक विद्यालय में नामांकित 276 बच्चों में से 75, इस्माइलपुर प्राथमिक विद्यालय में 130 में से 22 और इस्माइलपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में 99 में से केवल 17 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चों की कम उपस्थिति के कारण पहले दिन अध्यापिकाएं अभिलेख पूरे करने में व्यस्त रहीं।
नागल के कन्या जूनियर स्कूल में 145 छात्राओं में से मात्र पांच छात्राएं ही पहले दिन पहुंचीं। प्रधानाध्यापिका रीता देवी ने बताया कि वे सुबह से छात्राओं के परिजनों को फोन कर बच्चों को स्कूल भेजने का अनुरोध कर रही हैं, लेकिन फिर भी केवल पांच छात्राएं ही आई हैं।
गांव बढेड़ी कोली परिषदीय स्कूल में भी 153 बच्चों मे से मात्र 10 बच्चे ही पढ़ने के लिए पहुंचे। प्रधानाध्यापिका यास्मीन बेगम ने बताया कि मौसम की खराबी के कारण भी पहले दिन बच्चे कम संख्या में आए हैं। साढ़ौली कदीम के प्राथमिक विद्यालय में 201 में से 32 और लोदीपुर में 170 में से केवल नौ बच्चे पहुंचे।
बच्चों ने की खूब मस्ती, प्रेरणादायक कहानी सुनी
छुटमलपुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में पहले दिन बच्चों ने जमकर मस्ती की। स्कूल में 115 में से 65 बच्चे उपस्थित रहे। शिक्षिका अंजलि आर्य ने बच्चों का स्कूल पहुंचने पर स्वागत किया। इस दौरान शान, समद, अलीशा, फरहान, सावेज, जोया, अर्शी, आरजू, फरहाना, फलक, सानिया, शबनूर, रिजा, जोया आदि बच्चों ने भी गुब्बारों के साथ खूब मस्ती की। पहले दिन होमवर्क देखने के साथ ही मिशन शक्ति के तहत महिलाओं पर आधारित प्रेरणादायक कहानियां सुनाई गई।
नागल के कन्या जूनियर हाई स्कूल में पढ़ती छात्राएं- फोटो : SAHARANPUR
बढेडी कोली में शिक्षा ग्रहण करते बच्चें- फोटो : SAHARANPUR
शिमलाना के स्कूल में खाली पड़ी कक्षा- फोटो : SAHARANPUR
प्राथमिक स्कूल सलेमपुर में मिड डे मील खाते बच्चें- फोटो : SAHARANPUR